हरियाणा के जिला भिवानी के एक गांव के राजकीय उच्च विद्यालय में शिक्षक द्वारा दसवीं की छात्रा से दुराचार के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग ने सोमवार को भिवानी के पुलिस अधीक्षक मितेश जैन को तलब किया।
आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया ने पुलिस अधीक्षक को फटकार लगाते आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयोग के सामने पुलिस अधीक्षक की ओर से पेश रिपोर्ट में छात्रा से दुराचार की पुष्टि हुई है। आयोग ने छात्रा के परिजनों से इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई के बारे में भी पूछताछ की। आयोग में अगली सुनवाई 30 दिसंबर को होगी।
जानकारी के अनुसार 16 नवंबर को छात्रा ने शिक्षक पर दुराचार का आरोप लगाया था। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल में पहुंचकर शिक्षक की खासी पिटाई की थी।
ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल स्टाफ के सभी सदस्यों का तबादला किए जाने की मांग की थी। इसके अलावा नए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद ही स्कूल खोलने की चेतावनी दी थी।
शिक्षा विभाग ने आसपास गांवों के स्कूलों से शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजा। इस मामले की जांच का जिम्मा डीएसपी अमित भाटिया को सौंपा गया।
इसके बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. पीएल पूनिया ने एसपी भिवानी को तलब कर केस की स्टेटस जानी। एसपी आयोग के दिल्ली स्थित कार्यालय में पेश हुए। इस दौरान आयोग ने लड़की के परिजनों को भी बुलाया था।
30 को होगी अगली सुनवाई
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता रामधन ने बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के चेयरमैन, भिवानी के पुलिस अधीक्षक और पीड़ित छात्रा के परिजनों से वे मिले थे।
आयोग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस अधीक्षक को फटकार लगाते मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि आयोग ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 दिसंबर निर्धारित की है। वहीं, पुलिस अधीक्षक मितेश जैन से संपर्क नहीं हो सका।