गोचरान भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे संत गोपाल दास गोहाना स्थित जैन स्थानक पहुंचे। यहां वे सुंदर मुनि के सानिध्य में विश्राम कर रहे हैं।
काठमांडू नेपाल से गोहाना पहुंचे संत गोपालदास गांधी जयंती पर अनशन समाप्त कर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के हाथों अन्न-जल ग्रहण कर सकते हैं। इससे पहले वे दिल्ली जाकर राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर मत्था टेककर आएंगे। जैन स्थानक में संत गोपालदास ने स्लेट पर लिखकर पत्रकारों को बताया कि सरकार की अनदेखी के चलते वे नेपाल में चले गए थे और वहीं रहकर गोचरान भूमि खाली कराने की लड़ाई लड़ना चाहते थे।
हिंदुस्तान के युवाओं द्वारा उनकी लड़ाई को आगे बढ़ाने के आश्वासन पर वे दोबारा यहां आए हैं। उनके सहयोगी और भारतीय किसान ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष संजीव चौधरी ने बताया कि संत गोपालदास काठमांडू से सीधे भिवानी में आयोजित जनरल वीके सिंह के कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां से वे गोहाना आ गए हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल जाने का मूल कारण भी सही था कि नेपाल हिंदू राष्ट्र है और वहां गो हत्या पर पाबंदी है।
सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
गो भक्त संत गोपालदास के गुरु सुंदर मुनि ने कहा कि सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि सरकार का कोई प्रतिनिधि 24 घंटे के अंदर संत गोपालदास के पास आकर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन देता है तो संत गोपालदास उनके माध्यम से अनशन तोड़ेंगे अन्यथा किसी भी पार्टी के नेता के माध्यम से अनशन समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से भी वार्ता चल रही है। वे संभवत: दो अक्तूबर को गोहाना आकर संत गोपालदास का अनशन समाप्त करा सकते हैं। जैन संत ने कहा कि उन्होंने संत गोपाल दास को सलाह दी है कि वह हिंदुस्तान के नागरिक हैं और उन्होंने भारत में गोचरान भूमि खाली कराने और गो हत्या बंद कराने का बीड़ा उठाया है। इसलिए वे भारत छोड़ने की बजाय अपने देश में रहकर ही गो माता के लिए काम करें।
ये रहे मौजूद
संत गोपालदास को ग्लूकोज के माध्यम से रोजाना 1000 कैलोरी दी जा रही है, जिसके सहारे वे जिंदा हैं। उनके नाक में नली लगाई गई है। इसके माध्यम से उन्हें तरल पदार्थ दिया जा रहा है। इस दौरान उनके साथ भारतीय किसान ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष संदीप चौधरी, प्रवक्ता विकास डबास और शहीद भगत सिंह एकता संगठन के संयोजक अजीत घनघस आदि भी मौजूद रहे ।