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शिक्षा के अधिकार में फिसड्डी रह गया हरियाणा

Tue, 16 Apr 2013 04:46 PM IST
चंडीगढ़/सुरेंद्र धीमान
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत तीन साल में भी हरियाणा सरकार स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा पायी है। एक अप्रैल से अधिनियम लागू हो गया, लेकिन प्रदेश सुविधाओं के मामले में फिसड्डी रह गया है।
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शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करने के लिए 2 अप्रैल को दिल्ली में शिक्षा मंत्रियों की बैठक में केंद्र के सामने ताल ठोकी थी।

केंद्र ने हरियाणा के प्रयास की सराहना भी की थी मगर बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए स्कूलों में माहौल बनाने और उनके बैठने के लिए मूलभूत सुविधा डेस्क का अभी भी प्रबंध नहीं हो पाया।
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बच्चों को अच्छी वर्दी तो मिल रही है मगर शिक्षक और विद्यार्थी का अनुपात आरटीई के तहत पूरा नहीं है।

यह है स्थिति
हरियाणा में 15,024 स्कूल हैं, इनमें 9,421 प्राइमरी और 2,456 मिडिल स्कूल हैं। पहली से आठवीं कक्षा तक के दो तिहाई स्कूलों में डेस्क नहीं हैं। वैसे तो सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी कमोबेश यही स्थिति है।

स्कूलों में ड्यूअल डेस्क मुहैया कराने के लिए सवा तीन साल से शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल खुद प्रयास कर रही हैं और 100 करोड़ रुपये ड्यूअल डेस्क के लिए मंजूर भी कर रखे हैं मगर सरकार के पास पैसा ही नहीं है।

अगर पिछले वित्त वर्ष में 100 करोड़ रुपये के ड्यूअल डेस्क मिल जाते तो दो तिहाई स्कूलों में ड्यूअल डेस्क हो जाते मगर सरकार ने सिर्फ 15 करोड़ रुपये ही ड्यूअल डेस्क के लिए रिलीज किए।

सही नहीं है शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात
आरटीई के तहत पहली से पांचवीं कक्षा तक शिक्षक और विद्यार्थी का अनुपात 1:30 होना चाहिए और छठी से आठवीं कक्षा तक यह अनुपात 1:35 होना चाहिए। राज्य में प्राइमरी टीचरों के 9,480 पद रिक्त हैं। अभी इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती बोर्ड पर इनके परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई है। करीब छह हजार टीजीटी (छठी से आठवीं कक्षा तक) टीचरों की कमी है। इसलिए शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात नियम के अनुसार नहीं है।

हां, स्कूलों में ड्यूअल डेस्कों की कमी है। एक सौ करोड़ रुपये के ड्यूअल डेस्क स्कूलों में भेजे जाने हैं। सरकार से बजट मिलते ही ड्यूअल डेस्क स्कूलों में भेज दिए जाएंगे। शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात भी टीचरों की नियुक्ति के बाद ठीक हो सकेगा।
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- सुरीना राजन, प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, हरियाणा

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