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पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने पर युवाओं ने किया प्रदर्शन

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रोहतक। पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने से आहत युवाओं ने बुधवार को रोष प्रदर्शन किया। एग्रो मॉल से शुरू हुआ प्रदर्शन मेडिकल मोड़ तक गया। यहां युवाओं ने कुछ देर के लिए सड़क पर बैठकर जाम भी लगाया। बाद में सभी लौट गए।
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बुधवार को प्रदर्शन करने वाले युवाओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। इस कारण सरकार परीक्षा रद्द कर देती है। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया वहीं रुक जाती है। ग्राम सचिव व अन्य पदों की भर्ती में यही हुआ है। पिछले कई महीने से यह भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है। जबकि युवाओं की उम्र सीमा निकलती जा रही है। उन्हें रोजगार की आस है। सरकार यह आस पूरी नहीं कर रही है। यही नहीं, परीक्षा का पैटर्न तक तय नहीं है। यही वजह है कि पुलिस भर्ती परीक्षा में प्रश्न पुलिस से जुड़े होने के बजाय अलग थे। परीक्षा में कंप्यूटर से जुड़े प्रश्न भी एडवांस कोर्स के रहे। पेपर में कितने सवाल कितने अंक के होंगे, यह भी तय नहीं है। युवाओं ने आरोप लगाया कि आयोजक परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र खुद तैयार नहीं कर रहे हैं। इन्हें दूसरे राज्यों या परीक्षाओं से उठाया जा रहा है। जबकि सरकार परीक्षाओं में पारदर्शिता का दावा कर रही है। कृष्ण मोहन, दीवान, प्रदीप, अजय ग्रेवाल, अमित फौगाट ने कहा कि सरकार परीक्षाओं का निष्पक्ष ढंग से आयोजन करे। प्रश्न पत्र पैटर्न के हिसाब से विभाग के अनुरूप तैयार किया जाए।
सीपीआईएम ने की निंदा
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की निंदा की है। पार्टी ने एचएसएससी की भूमिका पर संदेह प्रकट करते हुए इसे तुरंत भंग करने व पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कहा कि राज्य में विभिन्न पदों पर नौकरी के लिए स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया स्थापित करने का दायित्व एचएसएससी के जिम्मे है। इस संबंध में विफलता के लिए एचएसएससी की प्रमुख जवाबदेही बनती है। कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होना कोई अपवाद या पहला मामला नहीं है। किसी भी मामले में एचएसएससी व संस्थान की भूमिका और जवाबदेही की जांच नहीं की गई है। राज्य में बेरोजगारी के चलते युवा आहत हैं। इनसे सरकार आवेदन शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल रही है। सरकारी एजेंसियों पर पैदा हुए अविश्वास के चलते उच्च स्तरीय न्यायिक जांच जरूरी है। रद्द की गई परीक्षाओं के जल्द आयोजन की पुख्ता व्यवस्था की जाए। साथ ही पार्टी ने पहले से रही अपनी मांग को दोहराते हुए रोजगार के लिए तमाम परीक्षाएं निशुल्क आयोजित करने परीक्षार्थियों को परिवहन के लिए निशुल्क पास सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की है।
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