रोहतक। डोभ, लाहली, बैंसी, खरैंटी, लाखन माजरा, चिड़ी और मुरादपुर टेकना सहित विभिन्न गांवों में शुक्रवार को प्रदर्शन किए गए। मजदूरों ने सरपंचों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मनरेगा को बहाल करने और वीबी ग्राम जी-2025 कानून को रद्द करने की मांग उठाई।
नरेगा संघर्ष मोर्चा हरियाणा तालमेल कमेटी के सदस्य संदीप सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह नया कानून लागू किया गया है, जिसका मजदूर संगठन विरोध कर रहे हैं। बीते वर्षों में सरकार पंजीकृत मजदूरों को सौ दिन का रोजगार देने में भी असफल रही है। मजदूरों ने वर्ष में 200 कार्य दिवस सुनिश्चित करने, न्यूनतम मजदूरी 700 रुपये करने, बेरोजगारी भत्ता देने तथा मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजा देने की मांग रखी। डोभ की सरपंच मुकेश देवी, लाहली की सरपंच कश्मीरी देवी, बैंसी के सरपंच अमन जांगड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मजदूरों को भरोसा दिलाया कि मांगें राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचाई जाएंगी। संवाद