नेशनल हेल्थ मिशन कर्मचारी एसोसिएशन की हड़ताल पर सख्त रवैया अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। बुधवार सायं से ही हड़ताली कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को यदि हड़ताल वापस नहीं होती तो सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर भी हड़ताल करने वालों को बैठने नहीं दिया जाएगा। धारा 144 के तहत हड़ताली कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सेवा संस्थान के आसपास होना अवैध है।
हड़ताली कर्मचारियों की हड़ताल तुड़वाने के लिए जिला रोहतक से एक ईएमटी को बर्खास्त करने के साथ छह के नाम पंचकूला भेजे गए हैं। इनको भी बर्खास्त करने का कभी भी अधिकारियों की ओर से आदेश आ सकता है। सूत्रों की मानें तो विभाग की इस प्रक्रिया से कर्मचारी सकते में हैं, कमजोर पड़ रही हड़ताल के लिए यह कार्रवाई नुकसानदायक साबित हो रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो सख्त कदम उठाया जा सकता है। अभी तो परिसर में आने पर प्रतिबंध लगाया गया है, आगे कार्यालय के बाहर भी नहीं बैठने दिया जाएगा।
चारों विधायकों को सौंपा ज्ञापन
एएचएम कर्मचारी एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार अपना मांग पत्र विधायक मनीष ग्रोवर, विधायक शकुंतला खटक, विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व सीएम एवं विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के जिला प्रधान ओमपाल ने बताया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी। आपातकालीन सेवाओं को देखते हुए चालक और ईएमटी स्टाफ अपनी सेवाएं दे रहा है। बृहस्पतिवार कई संगठनों ने उनको अपना समर्थन दिया है।
आज हो सकता है अंतिम फैसला
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होगी या नहीं, इसका फैसला शुक्रवार को हो सकता है। क्योंकि, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब हड़ताली कर्मचारियों को ओर झेलने के मूड में नहीं हैं। वहीं, हड़ताली कर्मचारियों को आगाह कर दिया गया है कि अब वे एक साथ बाहर किए जा सकते हैं। वहीं, सूत्रों की मानें तो हड़ताल रत कर्मचारी सीएम तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, यदि उन्हें आश्वासन मिलता है तो वे अपनी हड़ताल वापस ले सकते हैं।