मध्य प्रदेश के देवास में देश के 154 खिलाड़ियों ने लगातार 24 घंटे तक
मार्शल आर्ट का अभ्यास कर रिकॉर्ड कायम किया। भारतीय दल ने चीन के 16 घंटे
के रिकॉर्ड को तोड़ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया है।
इस भारतीय दल में हसनगढ़ के तीन छोरे भी शामिल हैं।
विश्व में प्रदेश का
नाम चमकाने वाले गांव के गगन, देवेंद्र और आलोक के स्वागत में ग्रामीणों ने
पलकें बिछा दी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खिलाड़ियों के गांव में पहुंचने
पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा।
फिजिकल एजुकेशन एंड हेल्थ
आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 12-13 दिसंबर को देवास की सेंट्रल
इंडिया एकेडमी में विश्व की पहली मार्शल आर्ट अभ्यास प्रतियोगिता हुई।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए इसमें
प्रतिभागियों को प्रथम 24 घंटे लगातार मार्शल आर्ट्स की अनेक विधाओं का
अभ्यास करना था।
इसमें भारत की तरफ से 154 खिलाड़ियों ने भाग लिया। टीम में
हसनगढ़ के तीन प्रतिभागी शामिल थे। तीनों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए
लगातार चौबीस घंटे तक प्रैक्टिस करके चाइना के सोलह घंटे की प्रैक्टिस के
विश्व स्तरीय रिकार्ड को ध्वस्त करते हुए टीम के साथ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड
रिकार्ड में अपना भी नाम दर्ज कराया।
गौ रक्षा दल से भी जुड़े हैं खिलाड़ी
हसनगढ़
गौ रक्षा दल के प्रमुख संदीप और धर्मेंद्र ने बताया कि तीनों विजेता गौ
रक्षा दल के सदस्य हैं। कुछ दिन पहले ही पुणे में हुई राष्ट्रीय ग्रामीण
प्रतियोगिता में भी तीन गोल्ड मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया था।
आर्थिक स्थिति नहीं है मजबूत
ग्रामीणों
ने कहा कि उनके हौसलोें ने गरीबी के चलते आईं विभिन्न अटकलों को मात देते
हुए यह उपलब्धि पाई है। उनके साथ गए कोच राजेश का कहना है कि तीनों बच्चे
खेल के प्रति अपार रुचि की बदौलत ही इस स्तर पर पहुंचे हैं।