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देश की सबसे बड़ी पंचायत में नारी सशक्तीकरण का हुआ चीरहरण : नायब सैनी

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12 मुख्यमंत्री नायब सैनी पार्टी कार्यालय मंगल-कमल में रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए। साथ
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रोहतक। मुख्यमंत्री नायब सैनी का कहना है कि कांग्रेस सहित विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के खिलाफ वोट देकर महिलाओं के हक पर डाका डाला है। देश की सबसे बड़ी पंचायत में नारी सशक्तिकरण का चीरहरण हुआ है। महिला वर्ग विपक्ष को कभी माफ नहीं करेगा। वे रविवार को पार्टी कार्यालय मंगल-कमल में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीति अटकाओ, लटकाओ व भटकाओ की रही है। 55 साल राज करने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं का भला नहीं किया। 16 व 17 अप्रैल को संसद में जो हुआ वह न केवल अलोकतांत्रिक था, बल्कि आधी आबादी के भविष्य पर एक प्रहार था।
इस प्रकरण ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी व डीएमके जैसे विपक्षी दलों का असली चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात महिलाओं को अधिकार देने की आती है तो उनका असली चरित्र महिला-विरोधी और सत्ता का लोभी हो जाता है।
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मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर विपक्ष महिलाओं के आरक्षण से इतना डर क्यों रहा है। उत्तर स्पष्ट है कि ये दल जानते हैं कि जिस दिन देश की महिलाओं को उनका पूरा राजनीतिक अधिकार मिल गया, उसी दिन इनकी परिवारवाद की राजनीति खत्म हो जाएगी।
विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया। कहा गया कि इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में तथ्यों के साथ स्पष्ट कर दिया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा।
सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था लेकिन इसे तत्काल लागू न करने के पीछे संवैधानिक प्रक्रियाएं जुड़ी हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पहले से निर्धारित थी।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने मंडियों में फसल उठान को लेकर कहा कि सरकार की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। फसल आगमन का समय अब सीमित हो गया है। इससे दबाव बढ़ता है लेकिन सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
वहीं दिल्ली से लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया था। बिल के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। विपक्ष ने महिला विरोधी रुख अपनाया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी शमशेर खरक, भाजपा जिला अध्यक्ष एडवोकेट रणवीर सिंह ढाका, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, प्रदेश सचिव रेणु डाबला, दीपक हुड्डा, राजकुमार कपूर, हरिओम भाली, तरुण सन्नी शर्मा भी मौजूद रहे।
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