रोहतक। अगर पत्नी का जबरन गर्भपात करवाया गया है तो उसे तत्काल अपने पति व ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत देनी चाहिए थी, लेकिन जब पति ने तलाक के लिए अदालत में अर्जी दाखिल कर दी, तब ये आरोप लगाए गए हैं। इससे साफ है कि पति को फंसाया जा रहा है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की याचिका मानते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी।
बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि रोहतक शहर की एक युवती ने जुलाई 2020 में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी थी कि उसकी शादी 2018 में हुई थी। शादी में मायके वालों ने लाखों रुपये खर्च किए। बावजूद इसके दहेज के लिए ताने दिए जाने लगे। यहां तक जब वे बाहर घूमने गए तो पति के रिश्तेदार ने अभद्र व्यवहार किया। उसे ससुराल पक्ष द्वारा पीटा गया, जिसके चलते उसका गर्भपात हो गया। दोबारा गर्भपात कराने के लिए गोलियां दी गई। पुलिस ने पति सहित ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। इसी बीच पति ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। याचिका पर बहस के दौरान आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि आरोपी के खिलाफ जब केस दर्ज किया गया, उससे पहले ही वह अदालत में तलाक की याचिका दायर कर चुका है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के बाद आरोपी युवक को अग्रिम जमानत दे दी।