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ठेकेदार ने उठाई कार तो महिला ने 100 नंबर पर की कॉल, दौड़ी पुलिस

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कार के बारे में जानकारी लेती महिला। अमर उजाला
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शहर में नो पार्किंग के ठेके को लेकर असमंजस का माहौल है। नगर निगम हाउस द्वारा क्रेन व भगत सिंह पार्किंग का ठेका रद्द कर चुका है, लेकिन हकीकत में अधिकारियों ने अभी ठेका रद्द नहीं किया है। ऐसे में धरातल पर जब ठेकेदार कार्रवाई करता है तो लोग कहते हैं कि ठेका रद्द हो चुका है। इस तरह के दो मामले निगम प्रशासन के सामने आ चुके हैं। अधिकारियों को जल्द इस मामले में कोई न कोई निर्णय लेना होगा।
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नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर काटा 500 रुपये का चालान
शनिवार को एक महिला सिविल रोड पर पहुंची। नो पार्किंग जोन में कार खड़ी करके काम पर चली गई। वापस आई तो गाड़ी नहीं मिली। गाड़ी न देखकर महिला ने पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कॉल कर दी। कहा कि उसकी गाड़ी चोरी हो गई है। तत्काल पुलिस हरकत में आई और एक पीसीआर मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि कार को नगर निगम की क्रेन लेकर गई है। पुलिस की गाड़ी व महिला नगर निगम के फायर ब्रिगेड कार्यालय में पहुंची, जहां गाड़ी मिली। महिला ने पूछा कि आप कौन होते हैं, यूं गाड़ी लेकर आ गए। इसके बाद ठेकेदार के कर्मचारियों ने पुलिस को गाड़ी के फोटो दिखाएं। बताया कि गाड़ी नो पार्किंग जोन में खड़ी थी। मामले की सूचना पाकर नगर निगम के एलओ भी पहुंच गए। महिला को 500 रुपये का नो पार्किंग का चालान काटकर गाड़ी दे दी गई।
भगत सिंह पार्किंग में युवती ने 10 रुपये देने से किया इनकार, बनाई कर्मचारी की वीडियो
नगर निगम ने दिल्ली गेट स्थित किला रोड की पार्किंग ठेकेदार को किराये पर दे रखी थी। पिछले माह नगर निगम हाउस की बैठक में नो पार्किंग से वाहन उठाने वाले क्रेन ठेकेदार व भगत सिंह पार्किंग का ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पास किया गया। जबकि हकीकत में करीब एक माह बाद भी ठेका चल रहा है। निगम की ओर से दोनों ठेकेदारों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। तीन दिन पहले एक लड़की पार्किंग में अपनी स्कूटी खड़ी करने पहुंची। ठेकेदार के कर्मचारी ने 10 रुपये पार्किंग फीस मांगी। युवती ने कहा कि आपका ठेका तो रद्द हो चुका है। कर्मचारी ने कहा कि, अभी ठेका चालू है। वे निगम को हर माह पैसे देते हैं। यह बात युवती ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर ली। साथ ही वीडियो लेकर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा के पास पहुंच गई और कहा कि ठेकेदार का कर्मचारी कह रहा है कि निगम वाले हर माह पैसे लेते हैं। मामले की जांच एलओ सुरेंद्र गोयल को दी गई। गोयल को ठेकेदार ने बताया कि उनका कहने का मतलब है कि वे निगम की ओर से तय मासिक फीस देते हैं। तब जाकर मामला शांत हुआ।
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नगर निगम की ओर से दोनों ठेकेदारों को नोटिस दिया गया है। एक सप्ताह का समय जवाब देने के लिए दिया था। अभी जवाब नहीं आया है। जवाब आते ही ठेकों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। दूसरा, महिला की कार जब्त करने के मामले में नियमों के तहत 500 रुपये का चालान काटा गया था। महिला को नियमों से अवगत करवा दिया था।
- सुरेंद्र गोयल, एलओ, नगर निगम
हाउस द्वारा ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पास किया गया है, लेकिन अभी ठेका रद्द नहीं हुआ है। इससे वाहन चालकों में असमंजस की स्थिति है। सोमवार को नगर निगम में जवाब दाखिल कर देंगे। नियमों के तहत ठेका निर्धारित समय तक चलना चाहिए।
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- लखपत, ठेकेदार नगर निगम
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