कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए नगर निगम कार्यालय में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। माननीयों के समर्थक सुबह व दोपहर बाद कार्यालयों में जमे रहते हैं, वहीं आम लोगों के लिए निगम का मुख्य दरवाजा बंद हैं। इतना ही नहीं, नागरिक सुविधा केंद्र में कोरोना संक्रमण से आम लोगों के साथ कर्मचारियों के बचाव के लिए किए गए इंतजाम भी महज दिखावा साबित हो रहे हैं। अमर उजाला संवाददाता ने कार्यालय में पहुंच कर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए निगम के कदमों की पड़ताल की।
नगर निगम क्षेत्र की आबादी 2011 में पौने 4 लाख थी, जो 2017 में 5 लाख 12 हजार पहुंच गई। अब चार साल बाद आबादी 6 लाख से ऊपर आंकी जा रही है। हर रोज सैकड़ों लोग नगर निगम के आंबेडकर चौक स्थित मुख्य कार्यालय में काम से आते हैं। इसके लिए नगर निगम ने कार्यालय में अलग से नागरिक सुविधा केंद्र बनाया हुआ है, जिसके अंदर 10 से ज्यादा काउंटर हैं। काउंटर नंबर 1,2 व 3 पर जहां प्रॉपर्टी टैक्स जमा होता है। वहीं 4 व 5 पर तहसील में रजिस्ट्री के लिए एनओसी दी जाती हैं। इसके अलावा विवाह पंजीकरण, परिवार पहचान पत्र, जाति, आय व रिहायशी प्रमाण पत्र भी यहीं बनाए जाते हैं। प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में सरकारी कार्यालयों के लिए पब्लिक डीलिंग बंद कर दी थी। वहीं, जहां लोग काम से आते हैं, वहां सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा सैनिटाइजर तक की व्यवस्था करने की हिदायत दी गई थी। वहीं, नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि काउंटर पर कर्मचारियों व आम लोगों को कोरोना संक्रमण से एक-दूसरे के बचाव के लिए कांच के कवच लगाए जाने हैं। निगम आयुक्त फाइल को हरी झंडी दे चुके हैं, लेकिन कांच कवच अभी खरीदे नहीं गए हैं।
प्लास्टिक कवर फटे, रस्सी बनी महज दिखावा
अधिकारियों ने नागरिक सुविधा केंद्र में हर काउंटर पर कर्मचारियों व आम लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए प्लास्टिक के कवर लगाए थे। आधे कवर फट चुके हैं। इतना ही नहीं, आम लोग भी कवर के नीचे से कर्मचारियों से बात करते हैं। क्योंकि आम लोगों को काउंटर से एक निश्चित दूरी पर रखने के लिए प्लास्टिक की रस्सी बांधी गई थी, जो मात्र दिखावा साबित हो रही है। किसी अधिकारी व कर्मचारी को अव्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।
पिछले गेट पर कोई रोक-टोक नहीं तो मुख्य दरवाजा बंद क्यों
निगम प्रशासन भी ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा है। दिखाने के लिए कार्यालय के शीशे वाला मुख्य दरवाजा बंद रहता है, लेकिन पिछले दरवाजे से हर कोई बेरोकटोक अंदर-बाहर जा सकता है। दिखाने के लिए पिछले गेट पर लिखा है कि केवल कर्मचारियों के लिए अनुमति, लेकिन किसी को नहीं रोका जाता। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का कार्यालय भी वहीं पर है। मेयर अपने आवास पर पब्लिक डीलिंग करते हैं, लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर कार्यालय में ही समर्थकों से मिलते हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए व्यवस्था की दोबारा से समीक्षा की जाएगी। नागरिक सुविधा केंद्र में पुख्ता इंतजाम करवा रहे हैं। पिछले गेट पर भी सख्ती की जाएगी।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम