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हम संत समाज-सेलिब्रिटी हरियाणा में भाईचारा व शांति मांगने आए हैं

Mon, 04 Apr 2016 02:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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सद्भावना सम्मेलन में संत - फोटो : अमर उजाला
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जाति ना कोई धर्म, ना कोई भेदभाव। राजनीति भी पूरी तरह से दूर। बस हर किसी का एक ही मकसद कि सद्भावना का संकल्प लेना है और हर किसी को दिलाना है। इस मकसद के साथ ही रोहतक की नई अनाज मंडी में रविवार को सद्भावना सम्मेलन में संत समाज और सेलिब्रिटी जुटे। यहां पहुंचे लगभग एक लाख लोगों से संत समाज और सेलिब्रिटी ने बस एक ही बात कही कि वे हरियाणा में भाईचारा और शांति मांगने आए हैं। ताकि हरियाणा के सिर पर नंबर वन का ताज हमेशा के लिए सजा रहे। 
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हरियाणा में दंगों के कारण खुदी जातीय खाई भरने के लिए संत समाज, खेल और फिल्मी जगत की हस्तियों का सामाजिक समरसता मंच तैयार किया गया। सुबह 10:55 बजे मंच से सद्भावना संदेश देने की शुरुआत महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सद्भावना की बड़ी जरूरत है। क्योंकि अतीत को भुलाकर भविष्य को सुरक्षित और संवर्धित करना है।

इसके लिए सभी को समरसता व सद्भावना दिखाकर हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है। स्वामी परम चैतन्य ने कहा कि वेदों में संदेश दिया जाता है कि दूसरों को पीड़ा देकर अपने उत्थान की चाहत नहीं रखनी चाहिए, बल्कि सभी के कल्याण का भागी बनना चाहिए। जिस तरह से भगवान राम ने सभी को साथ लेकर सेतू बनाया, उसी तरह यहां भी सभी को साथ चलकर हरियाणा को आगे बढ़ाना है।
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साक्षी गोपाल दास ने कहा कि भगवान सभी का उत्थान चाहते थे और हमें उसको ही आगे बढ़ाना है। इसलिए दूसरों को कष्ट नहीं देना चाहिए, बल्कि सम्मान देना चाहिए। साध्वी अमृता ने कहा कि समता व विषमता का भेद कभी नहीं आना चाहिए। क्योंकि यह भेद आने पर समाज का नाम खो देते हैं और उपद्रवी व उग्रवादी कहलाते हैं। हुजूर कंवर सिंह ने कहा कि जिस धरती से गीता का संदेश दिया गया, उसी प्रदेश में विरोध की भावनाएं भड़कीं। कहा कि अब सभी को धर्म व जातिवाद की जगह पुरानी परंपरा का संदेश देना है। जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा कि हजार मुर्दों की जगह चार जिंदा लोग भी समाज को बदल सकते हैं। इसलिए समाज को बदलने वाले बनो और एक-दूसरे से भाईचारा बढ़ाओ।

हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भारत की संस्कृति में जातपात की जगह नहीं है तो हरियाणा का इतिहास भी कभी इस तरह का नहीं रहा है। इसलिए सभी को मन से एकता कायम करनी है, क्योंकि मन पवित्र है तो करुणा, दया, भाईचारे को बल मिलता है। सतपाल महाराज ने कहा कि हरियाणा सबसे आगे है और इसलिए ही जातपात को दूर करके एकता को ताकत बनाएं। आपसी प्यार भी बढ़ाने की अपील की। आचार्य लोकेश मुनि महाराज ने कहा कि भारत में अनेकता में एकता व सर्वधर्म सद्भाव है। इसलिए सभी को मिलकर भाईचारा, प्रेम, शांति, सद्भावना की गंगा बहानी है। जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि यह हरियाणा का एक ऐतिहासिक दिन कहा जाएगा, क्योंकि सभी का केवल एक ही मकसद है।

वह भाईचारा, समन्वय और सामाजिक समरसता है। उन्होंने कहा कि अगर सामाजिक समरसता खंड हो गई तो विकास किस काम का रहेगा। इसलिए दूसरों को प्रेम और आदर देना ही जरूरी है जो प्रदेश के लिए शुभ होगा। स्वामी रामदेव ने कहा कि हरियाणा हमेशा शिखर पर रहा है और इस तरह ही रहना चाहिए। पिछले समय को भुलाकर सभी को संकल्प करना होगा कि आगे ऐसा नहीं होने देना है। इनके साथ ही खेल व फिल्मी जगत की हस्तियों ने भी सद्भावना का संदेश दिया। पहलवान संग्राम सिंह ने कहा कि आपस में लड़ने की जगह मिलकर तरक्की करो। पूर्व क्रिकेटर चेतन शर्मा ने कहा कि एक-दूसरे के साथ मिलकर खेलना व रहना चाहिए।

गायिका हिमानी कपूर ने भाईचारा कायम रखने के लिए देशभक्ति गीतों को सुनाया और एकजुट रहने की अपील की। शतरंज खिलाड़ी रही अनुराधा बैनीवाल ने कहा कि कोई बाहर से नहीं आया है, जिसने यहां उपद्रव मचाया है। इसलिए हमे खुद ही भाईचारा व शांति कायम करनी होगी और उसके लिए सभी को आगे आने होगा। अनुराधा ने प्रशासन की नाकामी पर भी सवाल उठाए। पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा कि संस्कृति पर कायम रहकर भाईचारा बनाना जरूरी है। इसलिए निजी स्वार्थ छोड़कर सभी को एकजुट रहना होगा। दोपहर 01:45 बजे तक चले कार्यक्रम में अभिनेता रणदीप हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की मिशाल पूरे विश्व में दी जाती है। इसलिए सभी को भाईचारे के साथ ऐसे रहना चाहिए, जिससे यह मिसाल आगे भी दी जाती रहे। 
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