रेवाड़ी। पीडब्ल्यूडी ने रणबीर हुड्डा चौक से बावल चौक तक सड़क के 1500 मीटर हिस्से को 2 लेन से बढ़ाकर 4 लेन करने की योजना तैयार की है। इसके चलते पुराना टेंडर रद्द कर नया टेंडर लगाया गया है। इस बदलाव से प्रोजेक्ट की लागत 15.46 करोड़ से बढ़कर करीब 22 करोड़ रुपये पहुंच गई है। सड़क निर्माण के टेंडर को लेकर एजेंसी तय की गई है।
अब संशोधित बजट को हाई पावर परचेजिंग कमेटी और सीएम स्तर पर मंजूरी मिलनी बाकी है। सीएम से मंजूरी मिलने और कागजी कार्यवाही पूरी होने में अभी काफी समय लगेगा। ऐसे में मानसून के बाद ही निर्माण शुरू हो पाएगा।
जून में बारिश शुरू होते ही महाराणा प्रताप चौक पर 200 मीटर के दायरे में जलभराव होता है और जर्जर सड़क से लोगों को परेशान होना पड़ता है। लोगों को सड़क निर्माण के लिए इंतजार करना होगा।
सड़क को फोरलेन करने में 110 पेड़ बाधा बने हैं। वन विभाग ने इन पेड़ों को हटाने की सैद्धांतिक अनुमति दे दी है लेकिन अभी अंतिम मुहर के लिए फाइल उच्चाधिकारियों के पास लंबित है।
शर्त के मुताबिक पीडब्ल्यूडी को इन 110 पेड़ों के बदले झाबुआ के जंगल में करीब 1450 नए पौधे लगाने होंगे। विभाग न केवल इन पौधों को लगाने की लागत लेगा बल्कि उन पेड़ों को वर्तमान पेड़ों जितनी उम्र तक बड़ा करने का पूरा खर्च भी पीडब्ल्यूडी से वसूलेगा।
इस मंजूरी में देरी और महाराणा प्रताप चौक से कोर्ट के पास गंदे नाले तक बनने वाली 900 मीटर की साइड ड्रेन (नाली) का काम लटकने से जलभराव की समस्या बरकरार रहेगी।
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छह साल से चल रही है खींचतान
यह रोड पिछले छह साल से एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के बीच जिम्मेदारी को लेकर फंसी रही। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के प्रयासों से एनएचएआई की ओर से 15.46 करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने इसे टेकओवर किया। अब प्रोजेक्ट के तहत शहर के 5.1 किमी और खोरी गांव के 1.3 किमी सहित कुल 6.4 किमी मार्ग का कायाकल्प होना है। रणबीर हुड्डा चौक से बावल चौक तक का 1500 मीटर हिस्सा विशेष रूप से 15 मीटर चौड़ा (4-लेन) बनाया जाएगा। प्रदेश में पहली बार यहां थिन व्हाइट टॉपिंग तकनीक का उपयोग होगा, जिसमें पीसीई फाइबर और पॉली ऑक्साइड युक्त 200 एमएम मोटी कंक्रीट की परत बिछाई जाएगी।
वर्जन
सड़क निर्माण के कार्य को हाई पावर परचेजिंग कमेटी से मंजूरी मिलना बाकी है। संशोधित रेट और वन विभाग की अंतिम मुहर लगनी बाकी है।-सत्येंद्र श्योराण, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, रेवाड़ी।