विजय नगर हत्याकांड की सीबीआई से जांच करवाई जाए। इसके लिए आरोपी अभिषेक के वकील ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर एक सप्ताह में सुनवाई होने की उम्मीद है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए आरोपी के वकील शिवराज मलिक ने यह जानकारी दी।
मलिक का कहना है कि अदालत की अनुमति के बाद उन्होंने आरोपी से कोर्ट परिसर में ही बातचीत की थी। आरोपी ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए, कहा कि केस में फंसाया गया है। पुलिस का दावा है कि उसने पांच लाख रुपये के लिए माता-पिता, बहन व नानी की गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि आरोपी के पास वारदात के बाद भी लाखों रुपये के जेवरात थे। वकील का कहना है कि जब वारदात के बाद इतने जेवरात हो सकते हैं तो पहले कितने होंगे। जेवरात बेचकर भी अभिषेक इतनी राशि एकत्रित कर सकता था। दूसरा, आरोपी से पिस्तौल बरामद मामले में भी पेच है। पूरे तथ्य हाईकोर्ट के सामने रखे जाएंगे। मांग की जाएगी कि प्रदेश सरकार पूरे मामले की सीबीआई से जांच करवाए, ताकि आरोपी को न्याय मिल सके।
मानवाधिकार आयोग ने मांगी एक माह में रिपोर्ट
वकील का कहना है कि 2 नवंबर को एक पत्र मानवाधिकार आयोग के पास भेजा था। आयोग ने जवाब दिया है कि डीजीपी से एक माह के अंदर पूरे मामले में जवाब मांगा गया है।
जेल में लाइब्रेरी की मिली सुविधा, पेट दर्द हुआ ठीक
अदालत में वकील ने अर्जी दी थी कि आरोपी अभिषेक को जेल में उसके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। अभिषेक के पेट में दर्द था, लेकिन सही ढंग से उपचार नहीं करवाया गया। उसे लाइब्रेरी में जाने, समाचार पत्र पढ़ने से लेकर, कैंटीन का प्रयोग करने व जेल से नियमों के तहत बाहर कॉल करने की सुविधा दी जाए। अदालत ने जेल प्रशासन को कानून के दायरे में अधिकार देने की हिदायत दी थी। वकील का दावा है कि उसके पास अभिषेक का फोन आया था। आरोपी को जेल प्रशासन ने पढ़ने, लिखने, कैंटीन से सामान खरीदने व दूसरे अधिकार दे दिए हैं।
15 को अदालत में होगी पेशी
27 अगस्त को विजय नगर निवासी बबलू पहलवान, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा व सास रोशनी की घर में ही गोली मारी गई थी। इसमें तीन पर ही मौत हो गई थी, जबकि नेहा ने दो दिन बाद अस्पताल में दम तोड़ा था। पुलिस ने मामले में बबलू पहलवान के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को गिरफ्तार किया, जो अब जेल में बंद है। मामले में 15 नवंबर को आरोपी की अदालत में पेशी होगी। जबकि 27 नवंबर तक पुलिस को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करना है।