महेंद्रगढ़। पीएम केयर से आए वेंटिलेटर पर प्रशासन की मंशा साफ नहीं है। ये वेंटिलेटर खराब बताए जा रहे हैं तथा दूसरा अस्पताल में जगह की कमी बता इन वेंटिलेटर को वापस मेडिकल कॉलेज भेजे जाने की तैयारी चल रही है।
बता दें कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से पांच वेंटिलेटर बड़े तथा पांच छोटे पीएम केयर से अस्पताल में भेजे गए थे। इन वेंटिलेटर में से पांच चालू कर दिए गए थे। परंतु पीएम केयर से आए वेंटिलेटर को अस्पताल प्रशासन ने पहले ही खराब बता दिया था। दूसरा अस्पताल के पास जगह तथा चिकित्सक की कमी होने का भी बहाना बनाया जा रहा था। अस्पताल प्रशासन की ओर से बाद में बायो मेडिकल इंजीनियर से ठीक करवाने को दिए थे। दूसरा अस्पताल में चिकित्सक न होना इन वेंटिलेटर के ऑपरेट न होना भी एक बड़ा मुद्दा था। अब बुधवार शाम हिसार से एक चिकित्सक ने डेपुटेशन पर ज्वाइन कर लिया है। इसके अलावा प्रशासन को दो वेंटिलेटर भी दान में दिए जा चुके हैं। ऐसे में प्रशासन दोबारा से जगह की कमी तथा खराब होने की बात कह कर वापस भेजने का प्रयास कर रहा है।
वेंटिलेटर चालू होने के बाद नहीं रहे खाली:
बता दें कि पांच वेंटिलेटर चालू हुए लगभग एक सप्ताह का समय हुआ है। इन वेंटिलेटर्स पर लगातार मरीज रखे जा रहे हैं। वेंटिलेटर खाली नहीं होने की वजह से परिजनों को वापस निजी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ रहा है। इससे खासी परेशानी यहां गरीब लोगों को हो रही है। मध्यम वर्ग परिवार को कर्ज लेकर निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है। निजी अस्पताल वेंटिलेटर के लगभग 40 से 50 हजार रुपये प्रतिदिन ले रहे हैं। इससे परिजनों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासाी सौंप चुके हैं ज्ञापन:
पहली बार जब इन वेंटिलेटर का लोगों को वापस जाने की सूचना लगी तो क्षेत्र के लोगों ने प्रवर चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इनको चालू करवाए जाने की मांग की थी। वहीं पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कुछ दिन पहले दौरा कर इन वेंटिलेटर को चालू करवाने इसके अलावा और पांच वेंटिलेटर सरकार की से ओर मांगे जाने की बात कही थी।
महेंद्रगढ़ अस्पताल में पांच वेंटिलेटर चालू हैं। वहां पर चलाने के लिए इतनी ही जगह हैं। अगुवा कंपनी से आए वेंटिलेटर्स में समस्या है। नारनौल अस्पताल में इनको हटाया हुआ है। ये जिस मेडिकल कॉलेज से आए हैं वहीं इनको वापस भेजा जाएगा। इनकी ईएमसी वहीं पर हो रखी है इसलिए ये वहीं ठीक होंगे।
-अशोक कुमार, सिविल सर्जन, महेंद्रगढ़।
वेंटिलेटर वापस जाने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर खराब हैं तो उनको ठीक करवा लिया जाएगा। इस संबंध में वो प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. कंवर सिंह से बातचीत भी करेंगे।
-रामबिलास शर्मा, पूर्व शिक्षामंत्री