वैश्य संस्था के वीआईएमटी को दिसंबर में बंद कर दिया गया और प्राचार्या डॉ.
कविता जैन समेत स्टाफ के 14 लोगों को नौकरी से निकाल दिया था। नौकरी से
निकालने के लिए सभी को पब्लिक नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें बताया गया था
कि वह सोसायटी कार्यालय से नो ड्यूज प्रमाण पत्र लेकर अपनी तनख्वाह ले सकते
हैं।
सोमवार को सोसायटी कार्यालय पर पहुंची तत्कालीन प्राचार्या डॉ. कविता
जैन और अन्य स्टाफ ने बताया कि उनकी चार माह की तनख्वाह बकाया है। इसके
अलावा तीन माह का नोटिस पीरियड भी बनता है। नौकरी से निकाले जाने के बाद भी
उन्हें तनख्वाह नहीं दी जा रही। हर रोज सोसायटी कार्यालय के चक्कर काटने
पड़ रहे हैं।
सोसायटी सुपरिंटेंडेंट विनोद गोयल भी बात सुनने को तैयार नहीं
हैं। स्टाफ ने अब चेतावनी दी कि यदि उनकी तनख्वाह जल्दी ही नहीं दी गई तो
वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इस मौके पर संजय तायल, अनुज गुप्ता, मोहित
गर्ग, नीतिन गोयल, सुनीता गुप्ता आदि मौजूद रहे।