विजय नगर के ट्रिपल मर्डर की गुत्थी अभी सुलझ नहीं सकी है। पुख्ता सुराग ढूंढने के लिए पुलिस घटनास्थल से मोबाइल की डंप उठाएगी। तीन एंगल पर काम कर रही पुलिस बिना पुख्ता सुबूत के हाथ डालने से बच रही है। क्योंकि मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण एसपी ने तीन-तीन डीएसपी, दो सीआईए टीम व शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस को जांच सौंपी हुई है। सभी टीम अपने स्तर पर जांच आगे बढ़ा रही हैं।
हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस जब शुक्रवार को मौके पर पहुंची तो बबलू के कान के पास ही उसका मोबाइल मिला, जो खून से लथपथ था। इससे साफ है कि बबलू को अचानक गोली मारी गई। उस समय वह मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहा था। घर में किसी झगड़े या विवाद का भी अंदेशा नहीं था। क्योंकि बबलू का शव नीचे कमरे में मिला, जबकि बबली व रोशनी के शव पहली मंजिल पर मिले। वहीं पर नेहा अचेत थी। सूत्रों ने बताया कि शनिवार को मोबाइल की जांच पड़ताल की, लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिल सका।
बबलू ने सीसीटीवी कैमरे मंगवाए लिए थे, लेकिन लगने से पहले हो गई वारदात
पुलिस ने वारदात का सुराग ढूंढने के लिए सीसीटीवी कैमरों की जांच की। गली के अंदर कोई कैमरा नहीं मिला। आगे सामने गली में एक कैमरा लगा है, जिसकी रेंज घर तक नहीं है। बबलू ने भी घर पर कैमरे लगवाने के लिए मंगवा लिए थे। मिस्त्री को बोला था समय मिलने पर लगा देना है। कैमरे लगने से पहले ही वारदात हो गई।
उत्तराखंड से आया अभिषेक का दोस्त घर पर ही
वहीं, बबलू के बेटे अभिषेक से मिलने उत्तराखंड से रोहतक आया उसका दोस्त शनिवार को घर पर ही था। उसने दोस्त को दुख की घड़ी में सांत्वना दी। हालांकि वारदात के समय अभिषेक दोस्त के साथ खाना खाने गया हुआ था। तभी घटना घट गई।
ट्रिपल मर्डर की जांच कर रही पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। संभावित दृष्टिकोण से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। घटनास्थल से मिले मोबाइल डंप से लेकर हर तथ्य का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।
- इंस्पेक्टर बलवंत सिंह, थाना प्रभारी, शिवाजी कॉलोनी