शहर से निकलने वाले सात हाईवे पर सोमवार को दस घंटे तक चक्का जाम रहा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कृषि कानूनों के विरोध में किया गया भारत बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। पुलिस और किसानों में कहीं टकराव नहीं हुआ। रोके जाने पर वाहन चालकों और किसानों के बीच मामूली नोक-झोंक जरूर हुई। बंद के दौरान एंबुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों को आने-जाने की छूट दी गई। पुलिस ने कई जगह चारपहिया वाहनों को पहले ही डायवर्ट कर दिया था। किसानों ने रोहद स्टेशन पर ट्रेन रोकने की तैयारी की थी, लेकिन वहां सुबह पांच बजे के बाद कोई ट्रेन नहीं आई। भारत बंद के बारे में जानकारी होने के कारण ज्यादा लोग बाहर नहीं निकले। नाकों पर सिर्फ ट्रक ही खड़े नजर आए।
पिछली बार की तुलना में इस बार किसानों में ज्यादा उत्साह था। मुजफ्फरनगर की महापंचायत के बाद से किसान ज्यादा उत्साहित हैं। ज्यादातर नाकों पर सख्ती बरती गई। किसानों का कहना था कि जब इतने दिन से यह बताया जा रहा है कि 27 को भारत बंद है तो लोगों को कम से कम आज नहीं निकलना चाहिए था। दोपहिया वाहन चालकों को भी जाने की इजाजत नहीं दी गई।
जिले में यहां-यहां रहा रोड जाम
जिले के हाईवे एक से ज्यादा स्थानों पर बंद रखे गए। जींद रोड पर जींद बाईपास, टिटौली और लाखनमाजरा में बंद रहा। हिसार रोड पर बहुअकबरपुर, मदीना और भैणी महाराजपुर, भिवानी रोड पर भाली आनंदपुर और कॉलेज मोड़, झज्जर रोड पर मायना, दिल्ली रोड पर आईएमटी चौक, खरावड़ और रोहद, पानीपत रोड पर मकड़ौली और सोनीपत रोड पर भालौठ में चक्का जाम किया गया। इनके अलावा महम-भिवानी रोड पर निंदाना के साथ-साथ धामण में किसानों ने जाम लगाया। किसान सभा की ओर से प्रीत सिंह ने रोहद, सुमित दलाल ने लाखनमाजरा में कमान संभाली। मकड़ौली पर भाकियू (चढूनी) के राजू मकड़ौली ने मोर्चा संभाला, भाकियू (अंबावता) के अनिल नांदल खरावड़ पहुंचे। पानीपत रोड पर मकड़ौली में जाम के चलते पुलिस ने गोहाना बाईपास गोल चक्कर के पास बैरिकेड लगा दिए थे। यहां से सिर्फ दोपहिया वाहन ही जा सकते थे। चारपहिया वाहनों को गोहाना बाईपास की ओर डायवर्ट कर दिया गया। झज्जर रोड पर किसानों ने मायना में जाम लगाया, लेकिन इस बार हाईवे की बजाय खरावड़ रोड पर लगाया, जिससे वहां से वाहनों की आवाजाही होती रही।
सहयोगी संगठनों की अपील बेअसर, बंद नहीं हुईं दुकानें
किसान संगठनों ने भारत बंद के दौरान हाईवे पर मोर्चा संभाला। वहीं, उनके सहयोगी संगठनों ने शहर में मार्च निकाला और दुकानदारों से बंद का समर्थन करने की अपील की, लेकिन दुकानें नहीं बंद हुईं। हालांकि किसान सभा ने दावा किया कि भारत बंद के समर्थन में शहर के बाजारों में काफी दुकानें बंद हुईं। उधर, सेक्टरों के दुकानदारों ने भारत बंद को समर्थन दिया, वहां की दुकानें बंद रहीं, बंद के समर्थन में जाट भवन पर धरना भी दिया गया।
किसान सभा के प्रदेश उप प्रधान इंदरजीत सिंह व जनवादी महिला समिति की प्रधान जगमति सांगवान की अगुवाई में सीटू व अन्य संगठनों के सदस्य सुबह आंबेडकर चौक पर इकट्ठे हुए। उनके मार्केट की ओर जाने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी तुरंत किला रोड मार्केट पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इस बीच संगठनों ने आंबेडकर चौक से भिवानी स्टैंड की तरफ मार्च शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि कोई जबरदस्ती नहीं की जाएगी। हम सिर्फ हाथ जोड़कर अपील करेंगे, अगर दुकानदार मान लें तो ठीक। मार्च भिवानी स्टैंड पहुंचा, इस दौरान कई जगह व्यापारियों से हाथ जोड़कर अपील की गई, लेकिन दुकानें बंद नहीं हुईं। भिवानी स्टैंड से वापस मार्च छोटू राम चौक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने वहां कुछ देर धरना भी दिया। उधर, सेक्टर एक, दो, तीन व चार की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। भारत बंद के समर्थन में पार्षद कदम सिंह अहलावत, ताराचंद बागड़ी, रमेश खासा, सुखवीर माथुर, अनुराग परवाना की अगुवाई में जाट भवन पर धरना दिया गया, जिसमें व्यापार मंडल रोहतक के प्रधान राकेश गर्ग भी शामिल हुए। धरने के कारण पुलिस ने रास्ता बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया।
भारत बंद के दौरान मकड़ौली टोल पर लगाए गए जाम के दौरान वाहन चालक को आगे जाने से रोकते किसान। संवाद
भारत बंद के दौरान गोहाना चौक पर दुकनदार से दुकान बंद करने की अपील करता किसान। संवाद