रोहतक। सौतेले पिता के अत्याचार से तंग आठ साल की बच्ची वीरवार को समाधान शिविर में पहुंची, जहां एडीसी ने उसे जगन्नाथ आश्रम में भेज दिया, साथ ही कहा कि प्रशासन बच्ची की पढ़ाई व रहन-सहन का खर्च वहन करेगा। अगर माता-पिता बच्ची को लेकर जाना चाहते हैं तो मारपीट न करने का शपथ पत्र देना होगा।
एडीसी नरेंद्र कुमार ने बताया कि एक दिन पहले समाधान शिविर में शिकायत आई थी कि आठ साल की बच्ची से उसका सौतेला पिता मारपीट करता है। शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए जिला बाल सरंक्षण इकाई से संपर्क किया गया। टीम ने बच्ची के माता-पिता से संपर्क किया। साथ ही उसकी काउंसिलिंग की। पता चला कि बच्ची के वास्तविक पिता का देहांत हो चुका है। उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली, जिसकी तीन बेटियां हैं। बच्ची का सौतेला पिता नशा करके बेटी से मारपीट करता है।
गहन जांच पड़ताल के बाद बच्ची को जगन्नाथ आश्रम में भेजने का निर्णय लिया गया। तय किया कि बच्ची की पढ़ाई व उसका अन्य खर्च प्रशासन उठाएगा। अगर इसके माता-पिता बच्ची के साथ भविष्य में मारपीट न करने का शपथ पत्र देते हैं तो बच्ची को उनके साथ भेजा जाएगा, अन्य तो उसे आश्रम में ही रखा जाएगा। इसके अलावा एडीसी ने समाधान शिविर में गैर हाजिर रहने वाले अधिकारियों को नोटिस देने व उत्तम विहार निवासियों की गली के निर्माण, पेयजल व जलभराव की शिकायत दूर करने की हिदायत दी।