विदेश से लौटने वाले विद्यार्थियों और अन्य लोगों के लिए होटलों की दरें तय कर दी गई हैं। कोई भी इससे ज्यादा पैसे नहीं वसूल सकेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार विदेश से लौटने वाले सभी लोगों को 14 दिनों तक होटलों में क्वारंटीन किया जाना है।
उपायुक्त आरएस वर्मा ने शुक्रवार को होटल एसोसिएशन के साथ बैठक कर उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बारे में बताया। साथ ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल के संबंध में हिदायतें जारी की। इस दौरान एडीसी महेंद्र पाल की अगुवाई में एक कमेटी गठित की गई, जिसने होटलों का किराया और भोजन आदि के रेट फाइनल किए। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार विदेश से लौटने वाले लोगों को कम से कम 14 दिनों के लिए जिले की सीमा में पड़ने वाले विभिन्न होटलों में क्वारंटीन किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने शहर के 20 होटलों के नाम फाइनल किए हैं, जिसमें ए कैटेगरी के छह और बी व सी कैटेगरी के सात-सात होटल शामिल है। इस दौरान उन्हें कमेटी द्वारा निर्धारित दरों के मुताबिक प्रतिदिन सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। ए कैटेगरी के होटल रूम का किराया बिना सुइट के जीएसटी सहित 1800 रुपये होगा। इसमें पावर बैकअप के साथ एसी तथा 300 रुपये में एक दिन का भोजन, जिसमें नाश्ता, लंच, डिनर, चाय और मिनरल वाटर शामिल होगा। बी कैटेगरी के होटल रूम का किराया बिना सुइट के जीएसटी सहित 1100 रुपये होगा। इसमें पावर बैकअप के साथ एसी और 300 रुपये में नाश्ता, लंच, डिनर, चाय व मिनरल वाटर शामिल होगा। वहीं, सी कैटेगरी के होटल रूम का किराया बिना सुइट के जीएसटी सहित 900 रुपये होगा। इसमें भी पावर बैकअप के साथ एसी और 300 रुपये में नाश्ता, लंच, डिनर, चाय व मिनरल वाटर दिया जाएगा। होटल की पेमेंट वास्तविक लाभार्थी द्वारा की जाएगी। अग्रिम भुगतान की मनाही होगी। मेहमानों को भोजन उनके कमरे में डिस्पोजेबल प्लेट में सर्व किया जाएगा। हर होटल सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाकर उनकी आवाजाही पर नजर रखेगा। विभिन्न जानकारियां समय-समय पर जिला प्रशासन से साझा की जाएंगी। सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए हैं कि मेडिकल टीम गठित कर क्वारंटीन किए गए लोगों की चिकित्सा संबंधी जरूरतों के बारे में तालमेल करें। डीडीए डॉ. रोहताश सिंह (मोबाइल 94162-41787) को इस काम के लिए नोडल-कम- लायजनिंग अफसर नियुक्त किया गया है। जो विभिन्न होटलों और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ तालमेल कर मेहमानों की संख्या और आने के समय के बारे में बताएंगे। एडीसी कार्यालय के पीओ सुबीर सांगवान और एपीओ करतार सिंह को डॉ. रोहताश की सहायता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।