हिसार रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट एक बार फिर से लटक गया है। क्योंकि दुकानदारों ने मेयर और निगम अधिकारियों से बिना रजिस्ट्री व प्रॉपर्टी आईडी बने दुकानों को तुड़वाने से इनकार कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि नई दुकानों का नक्शा बदला जाए, क्योंकि छत के लिए सीढ़ी नहीं बन रही है। मेयर ने जब नक्शा बदलवाने तक काम रुकने का तर्क दिया तो सभी दुकानदारों ने एक स्वर में हामी भरते हुए नया नक्शा आने पर ही काम शुरू करवाने के लिए कहा। अधिकारियों का कहना है कि अभी मौखिक बात हुई है, जब दुकानदार लिखित में देंगे तब आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
एलिवेटेड रोड बनने की वजह से हिसार रोड पर जाम की गंभीर समस्या हो गई है। इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने तीन मई 2018 को हिसार रोड के चौड़ीकरण की घोषणा की थी। चौड़ीकरण की जद में हिसार रोड की 73 और पुरानी सब्जी मंडी रोड की 108 दुकानें आ रही हैं। इन दुकानदारों को शिफ्ट करने के लिए नगर निगम ने हुडा प्रशासन से नजदीक में जमीन खरीदी, जिस पर विगत दिनों ठेका देकर दुकानों का निर्माण शुरू करवा दिया गया है। वहीं, नगर निगम प्रशासन अभी तक हिसार रोड के 73 दुकानदारों को न तो रजिस्ट्री कर सका है और न प्रॉपर्टी आईडी बन सकी है। करीब 15 ऐसी दुकानें हैं, जिसके दस्तावेज को लेकर दिक्कत आ रही है। विगत दिनों जब दुकान बना रहे ठेकेदार ने 15-15 करके दुकानें तोड़कर नई बनाने की बात हिसार रोड के प्रधान श्यामलाल सचदेवा से कही तो उन्होंने इनकार कर दिया।
बुधवार को मेयर मनमोहन गोयल, भू-अधिकारी सुरेंद्र गोयल, अधिशासी अभियंता योगराज छिकारा, जोनल टैक्स अधिकारी-एक अशोक कुमार, जोनल टैक्स अधिकारी-दो अंकित गुलिया और हिसार रोड के दुकानदारों के बीच में बैठक हुई।
प्रधान श्यामलाल सचदेवा ने कहा कि अभी तक दुकानदारों की रजिस्ट्री नहीं की गई है और न ही प्रॉपर्टी आईडी बनी है। ऐसे में यदि दुकानदार अपनी दुकान तुड़वाएंगे तो उसके पास कोई ऐसा सबूत नहीं होगा जिसके आधार पर वह नई दुकान के लिए दावा कर सके। दुकानदार रुपये जमा कराने के लिए तैयार हैं और पहले रजिस्ट्री करवाई जाए। उन्होंने कहा कि दुकानों के अंदर छत पर जाने की सीढ़ी नहीं बन रही है। ऐसे में बारिश का पानी भरने अथवा कोई अन्य वजह से छत पर जाना जरूरी होने पर भी दुकानदार नहीं जा सकेंगे। इसलिए दुकान के अंदर सीढ़ी बनवाई जाए। छत का पटाव 12 फुट पर होना तय हुआ था, जो 10 फुट पर किया जा रहा है। यही नहीं, जिन दुकानदारों की दो अथवा तीन दुकानें हैं, उन्हें अलग-अलग शटर लगाकर दुकानें दी जा रही है, जबकि एक शटर लगाकर दुकान देने की बात तय हुई थी। उन्होंने कहा कि नई दुकानों का नक्शा बदलवाया जाए।
दुकानदारों की बात सुनने के बाद मेयर मनमोहन गोयल और अधिशासी अभियंता योगराज छिकारा ने नक्शा बदलवाने पर काम बंद करने का तर्क दिया, जिस पर दुकानदारों ने अपनी सहमति दे दी। दुकानदारों ने कहा कि बिना सीढ़ी के दुकान का निर्माण स्वीकार नहीं होगा। इस पर निगम अधिकारियों ने काम बंद कराने और नया नक्शा बनाकर मुख्यालय स्वीकृति के लिए भेजने की सहमति दे दी। इस दौरान प्रधान श्यामलाल सचदेवा, किशन भाटिया, अर्जुन, श्रीराम, शम्मी, राजेश कुमार, ज्वाला, जगत सिंह आदि मौजूद रहे।
यदि नक्शा बदलेगा तो दोबारा उठेगा टेंडर
नगर निगम के अधिकारियों ने दुकानदारों को बताया कि वह नया नक्शा बनाकर मुख्यालय भेज देंगे। यदि मुख्यालय से स्वीकृति मिल गई तो दोबारा से टेंडर की प्रक्रिया होगी, जिसमें समय लगेगा और काम रुक जाएगा। दुकानदारों ने कहा कि दुकान एक बार बननी है, इसलिए वह थोड़ा इंतजार कर लेंगे।
मेयर के साथ हुई बैठक में नया नक्शा बनाने पर काम रुकवाने की मौखिक सहमति हुई है। जब दुकानदार लिखित में देंगे तब काम बंद करवाकर नया नक्शा बना स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। -योगराज छिकारा, अधिशासी अभियंता नगर निगम
दुकानदारों ने बिना रजिस्ट्री व प्रॉपर्टी आईडी बने दुकानें तुड़वाने से मना कर दिया है। नया नक्शा बनवाने की मांग की है। जिस पर काम बंद किया जाएगा और नया नक्शा स्वीकृति के लिए मुख्यालय जाएगा।
मनमोहन गोयल, मेयर