फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: शहर में जलघरों के टैंक नाले से बदतर, नशेड़ियों ने भी बनाया अड्डा

विज्ञापन
31...रोहतक के झज्जर रोड ​​स्थित द्वितीय जलघर में पानी के टैंक में उगी जलकुंभी और जमा गाद। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। शहर में जलघरों की हालत नाले से बदतर है। सफाई न होने से झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर में जलकुंभी, प्लास्टिक व कचरे की भरमार है। मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर और झज्जर रोड स्थित जलघर के टैंक गाद व घास से भरे पड़े हैं।
विज्ञापन

यही नहीं, जलघरों को तो नशेड़ियों ने अपना अड्डा बना लिया है। टैंकों के अंदर व बाहर सिरिंज व शराब की बोतलेंं डाली जा रही हैं। सवाल यह है कि क्या लोगों के नलों में सिरिंज और शराब की बोतलों से संक्रमित पानी सप्लाई किया जा है?। क्या जन स्वास्थ्य विभाग की ओर टैंकों में स्टोर काला पानी घरों तक पहुंच रहा है?
शहर में 5.15 लाख आबादी के लिए चार जलघर हैं। टीम ने शुक्रवार को मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर और झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर के तालाबों की हालत देखी। फिलहाल चल रही नहरबंदी के कारण टैंकों में पानी कम दिखा।
विज्ञापन

द्वितीय जलघर के तीन टैंकों की पेयजल क्षमता 3,620 लाख लीटर है। एक टैंक 30 साल से अधिक पुराना है और शेष दो 15 साल। दो टैंकों में गाद, जलकुंभी, घास, प्लास्टिक, कचरा साफ दिख रहा है। अनुमान है कि यह सब निकाल दिया जाए तो द्वितीय जलघर की 79 कॉलोनियों में तीन दिन तक पानी सप्लाई किया जा सकता है।
इधर, जेएलएन नहर स्थित तृतीय जलघर की स्थिति ठीक थी क्योंकि वर्ष 2011 में जलघर को 3,400 लाख लीटर क्षमता के साथ शुरू किया गया था। इस जलघर से 46 कॉलोनियों में जलापूर्ति की जाती है। 2024 में गाद-मिट्टी निकलवाने का कार्य किया गया था।
वहीं, देव कॉलोनी स्थित चौथे जलघर के टैंक भी काई व घास से अटे पड़े हैं। हालांकि, 220 लाख लीटर क्षमता के जलघर की सप्लाई मात्र तीन कॉलोनियों में होती है। इस जलघर 2017 के बाद से सफाई नहीं हुई है।
-
प्रथम जलघर में दो से तीन फीट तक जमी है गाद
मानसरोवर पार्क स्थित प्रथम जलघर की 2,120 लाख लीटर पानी की क्षमता है। 1932 में बने जलघर से 80 से अधिक कॉलोनियों में पानी सप्लाई होता है। आबादी बढ़ने व समय रहते जलघर विस्तार न होने से टैंक जर्जर हो चुके हैं। टीम ने देखा यहां हनुमान मंदिर के बिल्कुल पिछले वाले टैंक के किनारे टूटकर नीचे धंस रहे हैं। पानी कम होने से यहां दो से तीन फीट तक गाद जमी हुई है। नौबत ऐसी है कि नहर बंद होने पर हर बार इस जलघर की कॉलोनी में पेयजल समस्या और कटौती रहती है।

झज्जर रोड स्थित जलघर के टैंक में सिरिंज व शराब की बोतलों का ढेर
झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर में बिना रोक-टोक के नशेड़ी व शरारती तत्वों का डेरा जमा रहता है। टैंकों के पास बैठे युवक सिरिंज भरकर नशा कर रहे थे जबकि टैंकों में सिरिंज पड़ी थीं। शराब की बोतलों के ढेर लगे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में डलने वाला प्लास्टिक माइक्रोप्लास्टिक रूप से पानी में मिल जाता है जो शुद्ध करने के बाद भी नहीं निकलता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
-
वर्जन
प्रथम जलघर का 27 करोड़ की लागत सुधार किया जाएगा। जलापूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए एक अतिरिक्त टैंक का निर्माण व पहले से बने तालाबों की दो-दो फीट ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। सोनीपत रोड पर अंडर ग्राउंड पाइप लाइन डालली जाएगी। डिटेल एस्टीमेट रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। तालाबों की सफाई के लिए जल्द प्रस्ताव बनाया जाएगा। जलघर में शरारती तत्वों के प्रवेश को लेकर कई बार पुलिस को शिकायत दी गई है। पानी की क्लोरीनेशन के लिए प्रत्येक जलघर में तीन से चार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं।
- शिवराज चौहान, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग


31...रोहतक के झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर में पानी के टैंक में उगी जलकुंभी और जमा गाद। संवाद

31...रोहतक के झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर में पानी के टैंक में उगी जलकुंभी और जमा गाद। संवाद

31...रोहतक के झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर में पानी के टैंक में उगी जलकुंभी और जमा गाद। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें