रोहतक। प्रदेश में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस (एनडीपीएस), गैंगस्टर, आर्गेनाइज क्राइम, साइबर क्राइम, मोस्ट वांटेड अपराधियों में खौफ पैदा करने वाले स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति की ओर से पुलिस पदक मिलने जा रहा है। यह सम्मान उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए मिलेगा।
जींद के जुलाना निवासी सुरेंद्र सिंह 1998 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए। वह गुरुग्राम, रोहतक, सोनीपत, झज्जर, भिवानी, दादरी आदि जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एसआई के नाम कई ब्लाइंड केस सुलझाने का रिकॉर्ड है।
रोहतक में सत्यवान मर्डर केस, सोनीपत में लाठ गांव का मामला, किसान आंदोलन में मर्डर मिस्ट्री, जींद मर्डर केस जैसे कई चर्चित मामले अधिकारी ने अपनी सूझ-बूझ से सिरे चढ़ाए। इनके चलते उन्हें पूर्व सीएम मनोहर लाल सम्मानित कर चुके हैं।
प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से सम्मानित होने के साथ-साथ वे हरियाणा पुलिस के शीर्ष अधिकारियों की ओर से भी उत्तम सेवा मेडल पा चुके हैं।
घर में है खुशी का माहौल
एसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अवाॅर्ड मिलने की सूचना के बाद से घर में व दोस्तों में खुशी का माहौल है। विभाग में भी तारीफ मिल रही है। अवाॅर्ड लेने वह परिवार संग जाएंगे। इस कामयाबी में शीर्ष अधिकारियों व अन्य सहयोगियों का भी योगदान रहा है। एसआई सुरेंद्र के पिता किसान हैं और मां गृहिणी हैं। पत्नी भी गृहिणी हैं और बेटी दिल्ली में पढ़ाई कर रही है।
संगठित अपराध पर अधिक करना है काम
सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले व वर्तमान के अपराध करने के तौर-तरीके में अंतर आया है। अब संगठित अपराध के मामले सामने आते हैं। साइबर अपराध के लिए विभाग प्रशिक्षण दिलवाता है, इसके आधार पर अपराधियों पर कार्रवाई की जाती है। साइबर अपराधी हर दिन अपग्रेड हो रहे हैं और इसी के हिसाब से पुलिस भी अपडेट हो रही है। पुलिस का लक्ष्य लोगों की सेवा और अपराधियों पर नकेल कसना है।