एस्मा लगाए जाने के बावजूद मंगलवार आधी रात से बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले गये। हड़ताल के पहले दिन उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी तो अधिकारियों को ठेका कर्मचारियों के साथ दौड़ लगानी पड़ी। शिकायत केंद्र में दिनभर फोन घनघनाते रहे और अधिकारी खुद भी लाइट ठीक कराने पहुंचे। जबकि बिजली घरों को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। हड़ताली कर्मचारियों का वेतन काटने की संस्तुति की गई है। दूसरी तरह की कार्रवाई की भी तैयारी है, लेकिन सरकार के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। सरकार से जैसा आदेश मिलेगा वैसी कार्रवाई हड़ताली कर्मचारियों पर की जाएगी।
सरकार ने शहर की सब डिवीजन नंबर एक और दो को ठेके पर देने की योजना बनाई है। इसके विरोध में मंगलवार रात 12 बजे से बिजली निगम के कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर चले गये। सरकार ने पहले से घोषित हड़ताल को देखते हुए एस्मा लगा दिया था। इसका कुछ असर जरूर दिखाई दिया। निगम के 1105 कर्मियों में से 658 हड़ताल पर रहे और 347 ने अपनी ड्यूटी की। निगम के अधिकारियों ने साफ कहा है कि हड़ताल पर जाने वाले कर्मियों का वेतन काटा जाएगा। हड़ताल के दौरान जरूर किसी कर्मचारी पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो सकी।
कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से शिकायत केंद्र में फोन घनघनाते रहे, क्योंकि समस्याओं का तुरंत निस्तारण नहीं हो सका। इस कारण उपभोक्ता बार-बार शिकायत केंद्र में फोन करते रहे। हालांकि, कोई बड़ा फाल्ट सामने नहीं आया, लेकिन कई जगह बिजली बाधित रही। जिसे ठीक कराने के लिए अधिकारियों को खुद ठेका कर्मियों के साथ जाना पड़ा। इस तरह अधिकारी भी मैदान में उतरे और फाल्ट ठीक कराने में लगे रहे। बिजली घरों में हर किसी की चेकिंग के बाद अंदर जाने दिया गया। उधर, एस्मा लगाने के बावजूद हड़ताल पर गए कर्मचारी बुधवार सुबह हुडा सिटी पार्क में इकट्ठा हुए। कर्मचारियों ने सरकार और बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। किसी भी तरह से नहीं झुकने की बात कही और एस्मा को काला कानून बताया।
100 से ज्यादा शिकायतें आईं
बिजली निगम के शिकायत केंद्र में बुधवार को शाम तक लगभग 115 शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकतर शिकायतें निजी तौर पर उपभोक्ताओं की रही। इन शिकायतों को दूर करने के लिए ठेका कर्मी दिनभर लगे रहे। देर से ही सही, लेकिन उनको ठीक कर दिया।
बिजली कर्मियों का हड़ताल के दौरान का वेतन काटा जाएगा। उन पर आगे की कार्रवाई हो सकती है जो अधिकारियों के आदेश आने पर होगी। कोई कर्मचारी किसी तरह से बिजली को बाधित करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
- ज्ञानचंद, एसई
हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है और किसी तरह का माहौल नहीं बिगाड़ा जा रहा है। हमारी मांग केवल निजीकरण को खत्म कराने की है। किसी कर्मचारी पर कार्रवाई की गई तो उसका जोरदार विरोध होगा।
- बिजेंद्र बेनीवाल, वरिष्ठ नेता ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर