कृषि मंत्री अंदर लोगों की शिकायतें सुन रहे थे और बाहर शिकायत लेकर आए लोगों से धक्का-मुक्की और मारपीट हो गई। हालांकि, पुलिस ने हस्तक्षेप करके मामला किसी तरह से शांत करा दिया, लेकिन इस दौरान काफी देर तक हंगामा होता रहा। हालात ऐसे थे कि एक फरियादी की समस्या सुनी नहीं जाती कि दूसरा सुनाने के लिए उतावला हो जाता। इसी बीच अधिक फरियादी देख मंत्री जाने लगे तो लोगों का सब्र का बांध टूट गया। सभी एक साथ खड़े हो गए और मंत्री को समस्या सुनने की गुजारिश करने लगे, लेकिन मंत्री के पास समय नहीं था। उन्होंने लोगों का प्रार्थना पत्र लिया और समस्या के समाधान का आश्वासन देकर चलते बने।
शुक्रवार को जिला विकास भवन के सभागार में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में लोगों की समस्या सुनने पहुंचे थे। सुबह करीब साढ़े 11 बजे कृषि मंत्री बैठक में पहुंचे। यहां पहले से ही विधायक मनीष ग्रोवर, जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू, डीसी अतुल कुमार समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कृषि मंत्री ने सबसे पहले पहली बैठक की 12 शिकायतों को सुनना शुरू किया। इस संबंध में अधिकारियों से कार्रवाई के बारे में पूछा गया। इस दौरान घनीपुरा में लगी फैक्ट्री से प्रदूषण फैलने का मसला सामने आया।
इसकी शिकायत दिल्ली में रेलवे में कार्यरत एसडीओ कृष्ण कुमार पूनिया की पत्नी सरोज ने की थी। शिकायत के निस्तारण के बारे में जानकारी लेने के लिए कृषि मंत्री ने सरोज को मंच के पास बुलाया। सरोज ने बताया कि समस्या का समाधान नहीं किया गया है। इस पर फैक्ट्री मालिक संदीप गर्ग ने कहा कि वह उन्हें ब्लैकमेल कर रही हैं। इसको लेकर मंत्री के सामने ही दोनों में नोकझोंक हो गई। फैक्ट्री मालिक के साथ फैक्ट्री में काम करने वाली महिलाएं भी आई थीं। इस बीच महिलाएं भी मंच के पास पहुंचकर हंगामा कर दिया। इस पर मंत्री नाराज हो गए।
उन्होंने फटकार लगाते हुए दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने के लिए कहा और एडीसी प्रदीप कुमार एवं भाजपा नेता कंवल सिंह सैनी को जांच करने के लिए कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता सरोज और उनके साथ आईं महिलाएं बाहर चली गईं। बाहर निकलते ही फैक्ट्री में काम करने वाली महिलाओं ने सरोज से मारपीट कर दी। पुलिस ने किसी तरह बीच बचाव करके मामला शांत कराया। इसके बाद सरोज ने दोबारा से मंत्री के सामने आकर अपना दुखड़ा रोया।
बैठक में इसके अलावा भी मंत्री के सामने शिकायतों को लेकर हंगामा होता रहा। किसी ने गली तो किसी ने प्लाट पर कब्जे की बात कही। शिकायत देने जाते लोगों को पुलिस के रोकने पर भी हंगामा होता रहा। दो घंटे तक समस्याएं सुनने के बाद भी जब लोग आते रहे तो कृषि मंत्री जाने लगे। इस पर लोग आवेदन देने के लिए उनकी ओर लपक पड़े। इसके बाद कृषि मंत्री ने सभी के प्रार्थना पत्र लेकर समाधान का आश्वासन दिया और चले गए।
इस तरह आई शिकायतें
-डोभ में अवैध शराब बिक्री की शिकायत जो जांच में अधिकारियों को फर्जी मिली और आपसी रंजिश का मामला निकला।
-खरावड़ गांव के लोगों ने बिजली आपूर्ति नहीं होने की बात कही, जिस पर उनकी समस्या के जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। साथ ही मीटर बाहर लगवाने व बिजली बिल जमा करने के लिए कहा गया।
-घनीपुरा में फैक्ट्रियों से प्रदूषण होने के बारे में शिकायत आई, जिसके लिए एडीसी और भाजपा नेता को जांच सौंपी गई।
-महिला कालेज के पीछे के घरों से कालेज में कूड़ा फैलने की शिकायत आने पर कालेज की चहारदीवारी को ऊंचा करवाने का फैसला लिया गया।
-सैमान गांव में पाइप लाइन टूटने की शिकायत का निस्तारण कराने की बात कही गई।
-किला रोड पर पार्किंग की समस्या पर विधायक मनीष ग्रोवर व उपायुक्त अतुल कुमार को किला रोड के सौंदर्यीकरण के लिए कहा गया और रोड का कुछ हिस्सा पैदल चलने के लिए छोड़ने को कहा गया। पार्किंग भी 30 जून तक चलाए जाने की बात कही।
-आजाद गढ़ के लोगों के गली निर्माण की शिकायत पर उसे जल्द बनवाने के लिए कहा गया, जिसका एस्टीमेट पास हो चुका है।
-रिठाल नरवाल के लोगों ने अवैध कब्जे की शिकायत की और पटवारी पर समाधान नहीं होने देने का आरोप लगाया। जिस पर डीडीपीओ को रिकार्ड जांचने की कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
-बलियाणा गांव के लोगों ने डिपो होल्डर की शिकायत की, जिसमें जांच के बाद शिकायतकर्ता ने खुद को संतुष्ट बताया। हसनगढ़ की एक शिकायत आयी थी, जिसमें शिकायत करने वाले से संपर्क नहीं हो सका।
-कंसाला से खेत से मिट्टी उठाने संबंधी शिकायत के मामले में कृषि मंत्री ने डीएसपी को मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा। इस शिकायत को करने वाला वहां नहीं पहुंचा था, जिस पर मंत्री ने पीड़ित के बेटे से फोन पर बात करके जानकारी ली। उसने कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही तो डीएसपी को कार्रवाई के आदेश दिए।
-किलोई दोपाना के कुलदीप नंबरदार ने गांव के लोगों पर प्लाट पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उसने कृषि मंत्री के सामने हंगामा किया कि कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आने के बावजूद अधिकारी उनकी नहीं सुन रहे हैं। मंत्री के सामने ही उन्होंने डीसी, एडीसी समेत अन्य सभी अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वह उनकी बात तक नहीं सुनते हैं। जिसपर मंत्री ने आदेश दिया कि डीसी उनकी समस्या का समाधान करेंगे।
-134 ए के तहत स्कूलों में बच्चों को दाखिला नहीं मिलने के मामले पर अभिभावक कृषि मंत्री से मिले। जिस पर उन्होंने जल्द ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
मंत्री फोन करके लेंगे जानकारी
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे से कोई भी प्रार्थना पत्र आता है तो उस पर पीड़ित का नाम, पता और फोन नंबर जरूर होना चाहिए। कोई भी पीड़ित मीटिंग में नहीं आता है तो वह खुद उनके पास फोन करके समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी लेंगे।