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रोहतक: खाप को मंजूर नहीं 21 की उम्र में लड़कियों की शादी, महिला संगठन समर्थन में, चाहिए सुरक्षा-रोजगार की गारंटी

Mon, 20 Dec 2021 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

खाप प्रतिनिधि ने कहा कि इससे ग्रामीण इलाकों में नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जींद में खापों की महापंचायत 23 दिसंबर को होगी। महिला जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि अकेले कानून में बदलाव से कुछ नहीं होगा, सरकार रोजगार व सुरक्षा की भी गारंटी दे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक तरफ लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल करने को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है, दूसरी तरफ खाप पंचायतों ने इसका विरोध करने का निर्णय लिया है। महिला संगठन समर्थन में हैं, लेकिन वे सुरक्षा व रोजगार की गारंटी चाहती हैं। वहीं, आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले चार साल में जिले में 38 नाबालिगों की शादी की कोशिश की गई थी।

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कैबिनेट से मंजूरी के बाद अब संसद में प्रस्ताव पास करके पूरे देश में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल की बजाय 21 साल करने की तैयारी है। इसके लिए तर्क दिया जा रहा है कि कम उम्र में शादी होने से लड़कियां न तो अच्छी तरह से पढ़ाई कर पाती हैं और ही परिवार की दूसरी जिम्मेदारी उठा पाती हैं।

ऐसे में अगर शादी की न्यूनतम आयु बढ़ाई जाती है तो लड़कियों के आगे बढ़ने में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुद्दे पर सामाजिक संगठन बंटे हुए हैं। कई संगठन जहां प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं, जबकि खाप पंचायत इसे गलत मान रही है। मुद्दे को लेकर जींद में खापों की महापंचायत 23 दिसंबर को होने जा रही है।

बेटियों को सुरक्षा व रोजगार की गारंटी भी मिले

शादी की उम्र 21 करना तो ठीक है, लेकिन अकेले कानून बनाने से कुछ नहीं होगा। सरकार को महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल से लेकर रोजगार की गारंटी भी देनी होगी। बेटियों को पढ़ने के बाद रोजगार भी चाहिए। - डॉक्टर जगमति सांगवान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति

गरीब माता-पिता की परेशानी भी देखे सरकार

सरकार ग्रामीण क्षेत्र में माहौल व हालात को भी देखे, जहां 10वीं व 12वीं करने के बाद गरीब माता-पिता बेटी की शादी करने की सोचता है। क्योंकि वह बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है। शिक्षा के आधार पर सरकार बेटियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल करने का निर्णय तो लेने जा रही है, लेकिन हर पहलू पर विचार किया जाना चाहिए।- ओमप्रकाश नांदल, प्रधान नांदल खाप

सरकार को भेजा जाएगा जींद खाप महापंचायत से प्रस्ताव

ग्रामीण एरिया में माहौल देखते हुए लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 करना उचित नहीं है। क्योंकि समाज में हर तबके के लोग हैं। ग्रामीण एरिया के हिसाब से 18 साल की उम्र उचित है। जींद में हो रही खापों की महापंचायत में प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजा जाएगा। - संजय देशवाल, कार्यकारी प्रधान देशवाल खाप

सरकार का कदम पूरी तरह गलत, करेंगे विरोध

ग्रामीण एरिया में लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने का निर्णय एकदम गलत है। क्योंकि गरीब परिवार 10वीं व 12वीं के बाद बेटियों को पढ़ा नहीं पाते। ऐसे हालात में वे बेटियों की सुरक्षा करेंगे या परिवार का पालन पोषण करने मजदूरी करने जाएंगे। सरकार को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए।- ओमप्रकाश हुड्डा, प्रधान हुड्डा खाप

सरकार का निर्णय उचित, आईपीसी पर नहीं पड़ेगा असर

लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 करने का सरकार का निर्णय उचित है। क्योंकि कम उम्र में लड़कियां जिम्मेदारी उठाने में सक्षम नहीं हो पाती। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए वे मानसिक तौर पर तैयार नहीं हो पाती। हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव से आईपीसी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कानून की नजर में वयस्क होने की उम्र पहले की तरह 18 साल ही रहेगी। - जितेंद्र हुड्डा, सीनियर अधिवक्ता जिला बार

सरकार का कदम उचित, बदलाव समय की जरूरत

समय-समय पर नाबालिग लड़कियों की शादी करने की शिकायत आती रहती है। चार साल में 38 नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई गई। जबकि 14 केस ऐसे थे, जब लड़की या लड़का बालिग मिला। कई केस ऐसे सामने आए हैं, जब बेटियां परिवार के दबाव में विरोध नहीं कर पाती। हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव से लड़कियों को आत्मनिर्भर होने का मौका मिलेगा और यह बदलाव समय की जरूरत है। - करमिंदर कौर, जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी

यूं बचाया गया राेहतक  में नाबालिग बेटियों को बालिका वधू बनने से

       साल       शिकायत मिली        शादी रुकवाई        गलत सूचना

  • 2018            19                     14                     05
  • 2019            10                     07                     03
  • 2020            14                     09                     04
  • 2021से अब तक 08                 08                     ....
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