फिल्म एनएच-10 में हरियाणा की एक दबी-कुचली महिला का रोल निभाने वाली
तान्या पुरोहित असल जिंदगी में बेहद सशक्त हैं। आईआईएम के वार्षिकोत्सव
‘इनफ्यूजन’ में बतौर जज पहुंचीं अभिनेत्री तान्या ने कहा कि अगर घरों में
बेटा-बेटी को बराबर परवरिश दी जाएगी, तो वे बोझ नहीं लगेंगी।
इसके बाद अपने
बीते दिनों को याद कर बोलीं, माता-पिता ने तो हमेशा समान परवरिश देने की
कोशिश की है। एक बार छोटे भाई ने टिप्पणी कर दी कि सफाई करना तो लड़कियों
का काम होता है, इस पर पापा ने उसे कड़ी फटकार लगाई।
मूल रूप से
उत्तराखंड निवासी अभिनेत्री तान्या ने कहा कि एनएच-10 उनकी पहली फिल्म है।
इसके लिए जब ऑडिशन देने गई तो डायरेक्टर ने हरियाणा की दबी-कुचली महिला का
रोल करने को कहा।
मैंने बेहतर किया तो चयन हो गया। आने वाली फिल्मों के
बारे में कहा कि कई ऑडिशन दिए हैं, अब देखना यह है कि उन्हें मौका कब मिलता
है। रोहतक में पहली बार आने के एक सवाल पर तान्या ने कहा कि यहां पर सरसों
के खेत देखकर ‘दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ फिल्म के एक सीन की याद आ
गई।
15 साल से कर रही थिएटर
अभिनेत्री तान्या ने बताया कि उनके
पापा थिएटर करते हैं। वह जब तीसरी कक्षा में पढ़ रही थी तो पापा के साथ
थिएटर जाना शुरू कर दिया था। फिर, अपने पापा को थिएटर करता देखकर मेरी भी
इच्छा हुई। वह पिछले 15 वर्षों से लगातार थिएटर कर रही है।