रोहतक। एसडीएम कार्यालय में वाहन पंजीकरण की व्यवस्था आखिर डेढ़ माह बाद पटरी पर लौट आई। यहां वाहनों के पंजीकरण के साथ लाइसेंस बनने का काम सुचारू हो गया है। प्रिंट पेपर के इंतजार में अटकी करीब तीन हजार से ज्यादा फाइलों को भी निपटाया जा रहा है।
लघु सचिवालय स्थित एसडीएम कार्यालय में लोग रोजाना अपनी आरसी व लाइसेंस के बारे में पूछताछ करने आ रहे थे।दिसंबर में ऐसी करीब 4000 से अधिक फाइलें अटकी पड़ी थी। विभाग के सॉफ्टवेयर में तकनीकी कमी व प्रिंट पेपर के अभाव में काम ठप पड़ा था। विशेषज्ञों ने खामी दूर करने का प्रयास किया तो कार्ड रीडर की कमी सामने आई। इससे आरसी या लाइसेंस का प्रिंट लेने के बाद डाटा लॉक हो जाता है। इसके बगैर लाइसेंस व आरसी बनना मुश्किल होता है। महम के एसडीएम कार्यालय से कार्ड रीडर मंगवाकर काम चलाया गया। इसके बाद भी करीब तीन हजार से ज्यादा फाइलें अटकी रही। प्रिंट पेपर खत्म होने के कारण व्यवस्था बेपटरी हो गई थी। इस समस्या को अमर उजाला ने 11 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद से प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था दुरुस्त की।
वर्जन
वाहनों के पंजीकरण व लाइसेंस बनाने का काम सुचारू हो गया है। कुछ तकनीकी गड़बड़ी व प्रिंट संबंधी समस्या सामने आई थी। इसका समाधान कर दिया गया है। अब किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।
-विवेक आर्य, एसडीएम।