रोहतक। राशन डिपो होल्डरों के हड़ताल पर चलने के कारण गरीबों पर राशन का संकट पिछले 15 दिन से गहराया हुआ था। मंगलवार को हड़ताल खत्म होने पर जिले में 120 क्विंटल बाजरा व 136 क्विंटल गेहूं वितरित हुआ। कार्डधारकों को दिसंबर माह में भी राशन न मिलने से परेशानियां झेलनी पड़ी थी। क्योंकि डिपो को विभाग की तरफ से पूरा राशन नहीं मिल पाया था। इससे कुछ ही कार्डधारकों को राशन मिल पाया था।
डिपो होल्डर एसोसिएशन के प्रधान घनश्याम का कहना है कि सरकार 60 वर्ष की उम्र होने पर डिपो होल्डर के लाइसेंस को रद्द कर रही है। इससे आने वाली पीढ़ी को नुकसान होगा। क्योंकि लाइसेंस रद्द होने के बाद सरकार से किसी तरह से पेंशन का प्रावधान भी नहीं है। अब डिपो 600 से 1200 राशन कार्ड पर चल रहे हैं, लेकिन सरकार अब इन्हें 300 कार्ड पर चलाने की योजना बना रही है। इससे मिलने वाले कमीशन में भारी गिरावट होगी और घर परिवार का खर्चा चलाना भी मुश्किल होगा। राशन डिपो पर गरीब परिवारों को गेहूं, सरसों का तेल, चीनी व सर्दियों में बाजरा भी दिया जाता है।
कार्डधारकों से बातचीत
पिछले 15 दिन से राशन डिपो बंद पड़े हुए है, ऐसे में गरीब आदमी की जेब पर भी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ज्यादातर घरों में राशन खत्म होने से आमजन को परेशान होना पड़ा है। लेकिन विभाग की तरफ से भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। - जसबीर कुमार, राशनधारक
दिसंबर माह में भी डिपो में पूरा राशन न पहुंचने के कारण लोगों का राशन नहीं मिल पाया। अब 15 जनवरी तक डिपो बंद के चलते समस्या और ज्यादा बढ़ने से दुकानों पर महंगी दरों पर राशन खरीदना पड़ा है। - शर्मिला, राशनधारक
ज्यादातर घरों में खाना डिपो से मिलने वाले राशन के कारण ही बनता है। ऐसे में गरीब आदमी को वर्ष के पहले माह में ही हड़ताल के चलते बुरे हालातों से लड़ना पड़ा है। हड़ताल खत्म होने पर भी लोगों को राशन नहीं मिला है। रानी, राशनधारक
वार्ड-19 के डिपो में दिसंबर में पूरा राशन नहीं मिल पाया। ऐसे में 60 प्रतिशत से ज्यादा कार्डधारकों को डिपो से राशन नहीं मिल पाया। जनवरी में राशन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हड़ताल से दिक्कतें झेलनी पड़ी। -दीपक, राशनधारक
वर्जन
हड़ताल में सरसों का तेल लोगों को दिया गया है। लेकिन मंगलवार को भी बाजरा व गेहूं राशनधारकों को वितरित किया गया है। फिर भी कहीं पर समस्या बनी हुई है तो उसका समाधान होगा।
विरेंद्र सिंह, डीएफएससी