स्वामी आर्यवेश ने कहा कि नशे के कारण देश का मेहनतकश मजदूर, किसान व युवा बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय युवाओं को पतन एवं बर्बादी की ओर लेकर जाएगा।
शराब पीने, खरीदने और बेचने की आयु 25 साल से घटाकर 21 करने की सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने निंदा की है। उन्होंने कहा है कि नशे के कारण देश का मेहनतकश मजदूर, किसान व युवा बर्बाद हो जाएगा। विकास की अवधारणा भी पूरी तरह से निष्फल एवं निरर्थक हो जाएगी। यह बातें उन्होंने सोमवार को जारी प्रेस बयान में कहीं।
विज्ञापन
बयान में उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय युवाओं को पतन एवं बर्बादी की ओर लेकर जाएगा। इसके लिए आर्य समाज स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्मदिवस 12 फरवरी से पूर्ण नशाबंदी अभियान प्रारंभ करेगा। इसके तहत जनचेतना यात्रा, सम्मेलन एवं विचार गोष्ठियां आयोजित होंगी।
नशाबंदी अभियान के लिए आर्य समाज द्वारा सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं, खाप पंचायतों, किसान संगठनों, महिला संगठनों एवं युवाओं के सहयोग से ग्राम स्तर की नशाबंदी समितियों का गठन किया जाएगा। इस अभियान में आर्य समाज के संन्यासी, उपदेशक, महिला, युवा कार्यकर्ता बढ़ चढ़कर भाग लेंगे।
स्वामी आर्यवेश ने केंद्र सरकार से मांग की है कि नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय नीति बनाई जाए और एक साथ नशाबंदी लागू की जाए। हरियाणा में इस अभियान के संयोजन का दायित्व युवा संन्यासी स्वामी आदित्यवेश को सौंपा है, जो शीघ्र ही कार्यकर्ताओं एवं अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक नशाबंदी परिषद हरियाणा के प्रधान स्वामी रामवेश की अध्यक्षता में करके नशाबंदी अभियान की रूप रेखा तैयार करेंगे।