बहादुरगढ़। प्रदेशभर में बिजली कर्मचारियों की 22 से 24 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल का असर यहां दिखाई देने की आशंका है। वीरवार से करीब पौने तीन सौ बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में शहर और आसपास के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को संभालने की बड़ी चुनौती बिजली निगम के सामने खड़ी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हजारों उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों की शिकायतों, फाल्ट और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी होंगे या नहीं।
बिजली कर्मचारियों की गैरमौजूदगी में व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी चार ठेकेदारों के महज 18 कर्मचारियों के कंधों पर रहेगी। कर्मचारियों की संख्या में इतना बड़ा अंतर होने के कारण उपभोक्ताओं को बिजली फाल्ट ठीक होने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
खासकर बारिश के मौसम में बिजली लाइनों में फाल्ट और ट्रांसफार्मर संबंधी शिकायतें बढ़ने पर स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। शहर में पहले से ही बिजली कटौती, फाल्ट और तारों से जुड़ी शिकायतों को लेकर उपभोक्ता परेशान रहते हैं। ऐसे में 275 से अधिक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
यदि एक साथ कई क्षेत्रों में फाल्ट आए तो सीमित कर्मचारियों के लिए सभी शिकायतों का समय पर निस्तारण करना मुश्किल होगा। इससे लोगों का गुस्सा भी बढ़ सकता है। हालांकि बिजली निगम अधिकारियों का दावा है कि हड़ताल के बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
करीब पौने तीन सौ कर्मचारियों के मुकाबले केवल 18 कर्मचारियों की तैनाती से सवाल उठ रहे हैं कि यदि एक साथ कई स्थानों पर बिजली संबंधी शिकायतें आती हैं तो उनका समाधान कैसे होगा। विशेषकर रात के समय स्थिति बिगड़ने पर विभाग के सामने चुनौती और बढ़ सकती है।
बिजली निगम के लगभग 275 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ठेकेदारों के 18 कर्मचारी व्यवस्था को संभालेंगे। हड़ताल को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी और बिजली व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। फाल्ट आने की स्थिति में उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से उसे जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा।
-सचिन दहिया, एक्सईएन, यूएचबीवीएन, बहादुरगढ़।