रोहतक। पीजीआईएमएस में दाखिले के लिए दस्तावेज चेक कराने की व्यवस्था पहले ही दिन ध्वस्त हो गई। विद्यार्थी भूखे पेट परिजनों संग देर रात तक भटके। शेड्यूल से जांच दोपहर तीन बजे तक हो जानी थी, चली रात 11 बजे तक। दोपहर तक कैंपर भी खाली हो गए। पानी मांगने पर जवाब मिला-खरीदकर पी लो।
पीजीआईएमएस के डीन की ओर से जारी पब्लिक नोटिस के मुताबिक, मंगलवार को सुबह साढ़े 9 बजे से एमएससी नर्सिंग की सभी श्रेणियों के दस्तावेजों की फिजिकल वेरीफिकेशन शुरू होनी थी। 10ः30 बजे से एनपीसीसी व एमपीटी के सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों का नंबर आना था।
बीएससी नर्सिंग, बीपीटी व यूजी स्तर के पैरामेडिकल कोर्स में दाखिला लेने वालों के लिए सुबह 11 बजे का समय तय किया गया था। अलग-अलग श्रेणियों में अंतिम समय दोपहर दो बजे का दिया गया था। इसी मुताबिक दस्तावेज चेक होते तो तीन बजे तक सब फ्री हो सकते थे।
लेकिन, तीन दिन चलने वाली वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पहले ही दिन धड़ाम हो गई। सुबह समय से इसकी शुरुआत ही नहीं हुई। समय की पटरी से उतरी गाड़ी अभ्यर्थियों और उनके साथ आए अभिभावकों के लिए मुसीबत की घड़ी बन गई। रात 11 बजे तक दस्तावेज जांचे जा सके।
इस दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पीने के पानी का इंतजाम तो किया लेकिन वह भी आधा-अधूरा। दोपहर तक पानी के कैंपर खाली हो गए। लोगों ने पानी मांगा तो उन्हें कर्मचारियों ने बाहर से खरीदकर पीने की सलाह दे दी। इस बदइंतजामी पर अभिभावकों ने कड़ी नाराजगी जताई है।
अभिभावकों के मुताबिक, प्रशासन ने देरी से जांच की सूचना भी नहीं दी। इससे बिना भोजन-पानी के रात तक बैठना पड़ा। कोई अधिकारी भी नहीं था, जिसे अभिभावक पीड़ा बताते। बुधवार व वीरवार को पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग व अन्य यूजी कोर्सेज के अभ्यर्थियों के दस्तावेज चेक होंगे।
वहीं, इस बारे में एडमिशन कमेटी के चेयरमैन डॉ. एमजे वशिष्ठ को रिपोर्टर ने कई बार फोन किया, मैसेज भी भेजा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
यूनिवर्सिटी ने शाम तक जांच चलने की कोई जानकारी नहीं दी थी। दोपहर तक कैंपर भी खाली हो गए। पानी मांगने पर कर्मचारियों ने कहा कि बाहर से खरीदकर पी लो। -प्रकाश, हांसी।
सुबह से बच्चे अंदर हैं। भूखे-प्यासे भी होंगे। प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है। किसी ने यह भी नहीं बताया कि प्रक्रिया में इतना वक्त क्यों लग रहा है। -मुकेश, महेंद्रगढ़
दिए वक्त पर वेरीफिकेशन शुरू करते तो दोपहर तक सब फ्री हो जाते। सुबह की देरी ने रात के 11 बजा दिए। यह कैसी व्यवस्था है, जहां पर्याप्त पानी भी नहीं है। -होशियार, गुरुग्राम
39...मुकेश, महेन्द्रगढ़
39...मुकेश, महेन्द्रगढ़
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