रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के श्वास रोग विभाग की पीजी छात्रा डाॅ. साक्षी बिष्ट को यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी इंडिया समिट 2026 की दूसरी अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस में रिसर्च पेपर प्रस्तुतिकरण श्रेणी में प्रथम अवाॅर्ड प्राप्त किया है। रिसर्च में पाया कि मरीजों की टीबी के साथ अन्य बैक्टीरिया और फंगल की भी जांच होनी चाहिए ताकि मरीजों को जल्द सही किया जा सके।
यह कॉन्फ्रेंस 7 व 8 फरवरी को एयरोसिटी दिल्ली में आयोजित की गई। यह रिसर्च प्रो. डाॅ. राजेश गुप्ता के निर्देशन में की गई। इस उपलब्धि पर कुलपति डाॅ.एचके अग्रवाल, श्वास रोग विभाग के प्रो. डाॅ. राजेश गुप्ता ने डाॅ. साक्षी बिष्ट को शुभकामनाएं दी है।
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कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल ने कहा कि हम स्वास्थ्य विभाग से जुडे हुए हैं तो ऐसे में हमें मरीजों के हित में अधिक से अधिक रिसर्च करके उन्हें प्रकाशित करवाना चाहिए। इन रिसर्च का फायदा आमजन को मिलेगा। इसको लेकर डाॅ. साक्षी ने बताया कि इस पेपर का विषय रिसर्च स्पेक्ट्रम ऑफ बैक्टीरिया एंड फंगल इंफेक्शन इन स्पुटम स्मियर पॉजिटिव पलमोनरी ट्यूबरक्लोसिस पेशेंट रहा। डाॅ. राजेश गुप्ता ने बताया कि रिसर्च में करीब 100 लोगों को शामिल किया था। देखा गया कि छह माह के इलाज के बाद भी टीबी मरीज ठीक नहीं हो रहे थे। मरीजों की जांच की तो करीब 50 प्रतिशत मरीजों में टीबी के बैक्टीरिया के साथ अन्य बैक्टीरिया से ग्रस्त मिले। इस वजह से मरीज ठीक नहीं हो पा रहे थे।
बैक्टीरिया की पहचान कर उसकी दवाई भी साथ दी गई तो वे ठीक होने शुरू हो गए। 20 प्रतिशत मरीजों में टीबी के बैक्टीरिया के साथ फंगल इंफेक्शन भी मिला। इस कारण मरीजों को ठीक होने में समय लग रहा है।