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निर्णयों को प्रभावित करने वाले आधुनिक उपनिवेशवाद से बचे विद्यार्थी : शर्मा

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17सीटीके06... भारतीय प्रबंध संस्थान के 16वें स्थापना दिवस पर पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का
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रोहतक। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रोहतक ने 16वें स्थापना दिवस का आयोजन किया। इसमें निदेशक, संकाय सदस्य, कर्मचारी और विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। समारोह में शोध में प्रगति और शैक्षिक व व्यावसायिक कार्यक्रमों की सफलता पर विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व यूपीएससी अध्यक्ष अरविंद सक्सेना और विशिष्ट अतिथि मेजर जनरल अमित तलवार, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 350 से भी अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुईं।
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कार्यक्रम में व्यापारिक सोच पर चर्चा हुई। इसमें उद्योग के जाने-माने विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। चर्चा में शामिल विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और व्यापार की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने यह भी समझाया कि कैसे जोखिम, धैर्य और नए विचार के बीच संतुलन बनाकर अनिश्चितताओं से निपटा और सफलता पाई जा सकती है। उनके मुख्य संदेशों में नेतृत्व, अनुकूलन क्षमता और व्यक्तिगत विकास को और मजबूत करना रहा। कार्यक्रम का समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसमें आईआईएम रोहतक के छात्रों की विविध प्रतिभाओं को दर्शाया गया।
कार्यक्रम का आरंभ निदेशक प्रोफेसर धीरज शर्मा ने किया। उन्होंने संस्थान की 15 वर्षों की प्रगति को विस्तार से बताया। प्रोफेसर शर्मा ने स्वतंत्र विचार को प्रोत्साहित किया। नए विचार, नए बदलावों को अपनाने की क्षमता के महत्व पर चर्चा की। व्यक्तिगत और संगठन से संबंधित विकास के लिए सांस्कृतिक मूल्यों, अनुशासन और ईमानदारी को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। छात्रों से स्वतंत्र रूप से सोचने और विश्व शक्तियों के विचारों व निर्णयों को प्रभावित करने वाले आधुनिक उपनिवेशवाद से बचने की सलाह दी।
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इसके पश्चात यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने सूचना प्रौद्योगिकी और समय के साथ बदलने की क्षमता के महत्व पर प्रेरणादायक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि विकास को आगे बढ़ाने और सकारात्मक प्रभाव बनाने के लिए, नए विचारों को अपनाना और बदलते माहौल के अनुसार स्वयं को ढालना आवश्यक है। वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग अमित तलवार ने नेतृत्व, अनुशासन और सहनशीलता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व अनुशासन को बढ़ावा देता है, अनुशासन सहनशीलता का समर्थन करता है, और सहनशीलता नेतृत्व को मजबूत करते हैं। ये सिद्धांत सफलता को साकार बनाते हैं।



संस्थान की उपलब्धियों को दर्शाया
कार्यक्रम में संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी दर्शाया गया। इसमें एनआईआरएफ 2024 की प्रबंध श्रेणी में 12वां स्थान, क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2024 में 151 स्थान और पिछले चार वर्षों से 75% महिला छात्रों की लगातार उपस्थिति, 2019 में पहला इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (बीबीए-एमबीए) और 2021 में इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन लॉ (आईपीएल) शामिल है। प्रो. धीरज शर्मा के नेतृत्व में, संकाय सदस्य और डॉक्टोरल प्रोग्राम इन मैनेजमेंट के छात्रों ने वर्ष 2023-24 में 88 शोध पत्र प्रकाशित किए। आईआईएम रोहतक अपने 1600 छात्रों से भी पर गर्व करता है। जिनके संकाय सदस्य स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शीर्ष 2% वैश्विक शोधकर्ताओं में शामिल हैं।
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