ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने भारतीय छात्रों को यूक्रेन से सुरक्षित वापस लाने की मांग को लेकर एमडीयू के गेट नंबर 2 पर प्रदर्शन किया। उपायुक्त के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन दिया गया।
एआईडीएसओ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश ने कहा कि यूक्रेन पर रूस का सैनिक हमला पिछले 8 दिन से जारी है। यूक्रेन की जनता इस युद्ध में बुरी तरह से तबाह हो रही है। इस घटनाक्रम के पीछे नाटो सैन्य गठबंधन का खतरनाक खेल भी उजागर हो चुका है। परिणामस्वरूप विश्व शांति भी खतरे में है। अभी भी हजारों की संख्या में भारतीय छात्र व आम नागरिक वहां फंसे हुए हैं। इन्हें सुरक्षित निकालने व घर लाने की जरूरत है। सरकार की खराब नीतियों के चलते युवा वहां फंसे हुए हैं। इस मौके पर दीक्षा, मनीषा, रूबी, ज्योति, गोविंदा, प्रवीन, विनय, रोहित, दीपक, हसन, राजेश, उमेश मौर्य व अन्य छात्र मौजूद रहे।
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यूक्रेन से विद्यार्थियों को लाने की राष्ट्रपति से गुहार
डॉ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन ने यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की वतन वापसी को लेकर शुक्रवार को रोष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने सरकार की ढुलमुल कार्रवाई के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करते हुए राष्ट्रपति से युद्ध स्तर पर छात्रों को वापस लाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह डुमोलिया ने कहा कि यूक्रेन में फंसे लगभग 20,000 छात्र छात्राओं को वतन वापसी का इंतजार है। केंद्र सरकार इसके लिए ढुलमुल रवैया अपना रही है। इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से विद्यार्थियों को शीघ्र वापस लाने की मांग की गई है। सरकार को उचित दिशा निर्देश जारी करने व सभी वायुयान यातायात बंद करके केवल विद्यार्थियों को वापस लाने पर जोर देने की अपील की गई है। इस मौके पर अजय नांदल, सुधीर सहारण, रोहित रिठाल, हरी स्वरूप, विजय बोहर, नीतेश, लक्ष्य, आशीष अहलावत, साहिल, सेंटी, प्रवेश, विकाश, संजय, कपिल, राजेश समेत अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।
विद्यार्थियों की सकुशल वापसी की मांग, किया प्रदर्शन
एमडीयू के दिशा छात्र संगठन, छात्र एकता मंच व अन्य विद्यार्थियों ने यूक्रेन से भारतीय छात्रों को सकुशल वापस लाने के लिए एमडीयू के गेट नंबर दो पर विरोध प्रदर्शन किया। यहां साम्राज्यवाद के रूस-चीन धड़े व अमेरिका के नेतृत्व में नाटो के साम्राज्यवादी धड़े की विनाशकारी नीतियों का भी विरोध किया गया।
दिशा छात्र संगठन के मनजीत ने कहा कि 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेेन पर हमला शुरू किया था। यह अब भी जारी है। यूक्रेेन के कीव, खारकीव, क्रामातोर्स्क, बर्दियांस्क, ओदेसा शहर भयंकर तबाही का सामना कर कर रहे हैं। रूसी सेना के हवाई और जमीनी हमलों से यूक्रेन खंडहर में बदलता जा रहा है। युद्ध को सुलगाने में नाटो देश व इसका सरगना अमेरिका जिम्मेदार हैं। युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। लाखों विस्थापित हुए हैं। सरकारी व निजी लोगों की अरबों-खरबों संपत्ति नष्ट हो चुकी है। इन हालातों में देश के हजारों विद्यार्थी फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित घर लाया जाए। दिशा के इंद्रजीत ने कहा कि हम सभी साम्राज्यवादी हमलों व युद्धों का विरोध करते हैं। संगठन सदस्य मनजीत, मनीषा, पूनम, सोनिका, राहुल व नितिन ने भी अपने विचार रखे।