साक्षी मलिक के कोच के नामों को लेकर छिड़ा विवाद आखिरकार सुलझने की ओर है। साक्षी ने ईश्वर दहिया और मंजीत को अपना कोच मानते हुए खेल विभाग को अपना शपथ पत्र दिया है। इसमें उन्होंने डीएसओ राजवीर और कुलदीप मलिक का नाम नहीं दिया। हालांकि, खेल विभाग ने वकील से बनवाए गए शपथ पत्र को मानने से इन्कार कर दिया है। अब साक्षी को फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट से शपथ पत्र बनवाकर देना होगा। साक्षी शुक्रवार को अपना शपथ पत्र विभाग को सौंपेगी, लेकिन उनके कोच के नाम बृहस्पतिवार को ही सार्वजनिक हो गए।
रियो ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक के कोच होने का चार लोगों ने दावा किया था। इसमें साक्षी को कुश्ती की शुरुआत कराने वाले ईश्वर सिंह दहिया भी शामिल हैं। दहिया के बाद उन्हें छोटूराम स्टेडियम में राजबीर सिंह ने ट्रेनिंग दी। वह चार साल तक साक्षी के कोच रहे। साल 2015 से अब तक मनदीप साक्षी के कोच हैं। इनके अलावा कुलदीप मलिक रेलवे के कुश्ती कोच हैं। साक्षी के साथ ओलंपिक में कुलदीप ही गए थे। सरकार पशोपेश में थी कि चारों कोच में से किसे साक्षी का कोच माना जाए। इस कारण साक्षी से शपथपत्र जमा कराने की मांग की गई।
अब कुलदीप मलिक को नहीं मिलेेगा लाभ
रेलवे के कोच कुलदीप मलिक ने तीन दिन पहले इनाम राशि नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी। उनका दावा था कि उनसे दस लाख रुपये का इनाम देने का वादा किया गया था। इस विवाद के बाद खेल विभाग ने साक्षी से जानना चाहा था कि आखिर वह किसे अपना कोच मानेगी, जिससे उसे सम्मानित किया जा सके। साक्षी ने कोच कुलदीप का नाम नहीं लिया है।