महिला पहलवान के कोच का विवाद सुलझाने के लिए खेल विभाग ने निकाल तरीका
- फोटो : file photo
ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान साक्षी मलिक के कोच को लेकर छिड़ा विवाद सुलझाने के लिए खेल विभाग आगे आया है। विभाग की ओर से पत्र जारी करके साक्षी मलिक से शपथ पत्र लेने के लिए कहा गया है, जिसमें वह अपने कोच का नाम बताएंगी। यह जिम्मेदारी जिला खेल अधिकारी को सौंपी गई है। अगले तीन दिन में साक्षी की ओर से शपथ पत्र दिया जा सकता है। यदि साक्षी तीन दिन तक रोहतक में नहीं होंगी तो वह शपथ पत्र देने के लिए समय बढ़वा सकती हैं।
रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक के कोच होने का चार लोगों ने दावा किया है। इसमें साक्षी को कुश्ती की शुरूआत कराने वाले ईश्वर सिंह दहिया भी हैं। दहिया का दावा है कि उन्होंने साक्षी को छह साल तक कुश्ती के गुर सिखाए। दहिया के बाद सर छोटूराम स्टेडियम में कुश्ती एकेडमी में साक्षी को झज्जर के जिला खेल अधिकारी राजबीर सिंह ने ट्रेनिंग दी। वह चार साल तक साक्षी के कोच रहे। जबकि साल 2015 से अब तक मनदीप साक्षी के कोच हैं। इनके अलावा कुलदीप मलिक रेलवे के कुश्ती कोच हैं। साक्षी के साथ ओलंपिक में कुलदीप ही गए थे। कुलदीप मलिक ने ही तीन दिन पहले इनाम राशि नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी। उनका दावा था कि उनसे दस लाख रुपये का इनाम देने का वादा किया गया था। जिसके चेक की फोटो कापी भी दी गई, लेकिन इनामी राशि नहीं दी जा रही है। इधर, सरकार पशोपेश में है कि चारों कोच में से किसे साक्षी का कोच माना जाए। इस कारण साक्षी से शपथ पत्र लेने की तैयारी की गई है। इसके लिए खेल विभाग की ओर से जिला खेल अधिकारी को पत्र भेजा गया है। कहा गया कि साक्षी से इस मामले में शपथ पत्र लिया जाए। जिला खेल अधिकारी ओमपति मल्हान ने बताया कि साक्षी से इस बारे में कहा गया है। वह तीन दिन में शपथ पत्र दे देगी। हालांकि उसे यह छूट दी गई है कि वह किसी कारणवश शहर से बाहर है तो आकर तीन दिन बाद भी शपथ पत्र दे सकती है। साक्षी के शपथ पत्र के बाद ही साफ होगा कि वह किसको अपना कोच मानती है।