रोहतक। खेल की दुनिया में नाम कमा रहे प्रदेश के खिलाड़ियों को पीजीआईएमएस का स्पोर्ट्स मेडिसन एंड स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर राहत पहुंचा रहा है। स्पर्धा में मुकाबला करते समय लगने वाली चोटों से खिलाड़ियों को उबारने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में यहां कबड्डी के दो राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का ऑपरेशन किया गया है। ऑपरेशन के बाद दोनों खिलाड़ियों ने आराम बताया है। अमर उजाला ने इन खिलाड़ियों से सेंटर उपचार व्यवस्था पर बातचीत की तो उन्होंने अपने अनुभव साझा किया।
आईसीयू के समक्ष हैं विभाग के वार्ड
स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के मरीजों को वार्ड 26 में भर्ती किया जाता है। यहां मरीजों को ऑपरेशन के बाद हर सुविधा मुहैया है। इसमें ऑक्सीजन सप्लाई, एसी कमरे, आधुनिक तकनीक के बेड व उपचार की सभी सुविधाएं यहां उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा मरीज को ऑपरेशन से पहले व बाद में राहत पहुंचाने के लिए दो स्पोर्ट्स फिजियोथेरैपिस्ट हैं। ये मरीज को उसके हिसाब से फिजियोथेरैपी कराते हैं। स्पोर्ट्स डाइटीशियन खिलाड़ियों की डाइट का ध्यान रखते हैं। चोट में समय डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।
मामला एक
कबड्डी की राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी हूं। राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक प्राप्त है। कुछ समय पूर्व खेलते समय घुटने में चोट गई। इसके बाद पैर में लचक बन गई। इससे चलने में परेशानी आ रही थी। स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में जांच कराने पर चोट का पता लगा। अब यहां ऑपरेशन हुआ है। इससे पूर्व अपने कंधे में आई चोट का यहां इलाज करा चुकी हूं।
- तन्नू, हुमायूपुर।
मामला दो
नेशनल स्टाइल कबड्डी खेलता हूं। राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला है। साल भर पहले मैच के दौरान कंधे में चोट लगी थी। इसके बाद से बार-बार कंधा उतरने की समस्या सामने आई। पीजीआई के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में इलाज का पता लगने पर यहां जांच कराई। डॉक्टर हाल ही में कंधे का ऑपरेशन किया है। अब चोट में आराम है।
- नवीन, धामड़।
वर्जन:
खिलाड़ियों को चोटों से उबारने के लिए संस्थान में सेंटर बनाया गया है। यह उत्तर भारत का इकलौता सेंटर है। यहां इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। खिलाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज दिया जा रहा है। ऑपरेशन से पहले व बाद में खिलाड़ी का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके लिए फिजियोथेरैपिस्ट, डाइटीशियन व अन्य स्टाफ तैनात है।
- डॉ. राजेश रोहिल्ला, अध्यक्ष, स्पोर्ट्स मेडिसन एडं स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर।