रोहतक। जिले में तेज रफ्तार व लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। जिले में 24 घंटे के अंदर महम, सांपला व लाखनमाजरा में हुए सड़क हादसों में तीन की जान चली गई। खास बात यह रही कि मरने वाले तीनों दोपहिया वाहन बाइक पर सवार थे, जिन्हें बड़े वाहन ने टक्कर मारी। आंकड़ों के मुताबिक हर माह जिले में 40 से 50 सड़क हादसे औसतन हो रहे हैं, जिसमें 40 प्रतिशत से ज्यादा जानलेवा हैं।
हादसा एक : जींद रोड पर ड्यूटी से लौट रहे घरौठी के युवक को मारी टक्कर, मौत
पुलिस के मुताबिक घरौठी गांव निवासी अजय ने दी शिकायत में बताया कि उसका बड़ा भाई रणजीत सिंह (37) समर गोपालपुर के नजदीक फैक्टरी में नौकरी करता था। रविवार को बाइक पर घर आ रहा था। करीब 11 बजे उसे सूचना मिली कि जींद रोड पर ही गद्दा फैक्टरी के पास किसी अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी है। वह मौके पर पहुंचा तो रणजीत सिंह सड़क किनारे पड़ा था। अच्छी तरह से जांच की तो उसका भाई दम तोड़ चुका था। बाइक एक तरफ क्षतिग्रस्त हालत में मिली। मामले की सूचना पाकर लाखनमाजरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग का केस दर्ज किया।
हादसा दो : महम में खेत से लौट रहे बाइक सवार युवकों को मारी टक्कर, एक की मौत
पुलिस के मुताबिक महम के वार्ड नंबर एक निवासी अमित ने दी शिकायत में बताया कि शनिवार को वह अपने पड़ोसी कुलदीप के साथ बाइक पर खेत में गया था। रात को करीब आठ बजे जब वे घर लौट रहे थे तो हिसार रोड पर होटल के पास तेज गति से आ रही राजस्थान नंबर की क्रेटा ने बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर में दोनों घायल हो गए। पीजीआई ले जाते समय रास्ते में कुलदीप की मौत हो गई। महम पुलिस ने क्रेटा चालक के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग का केस दर्ज किया है।
हादसा तीन : रोहतक आ रहे बाइक सवार दंपती को मारी हाइवा ने टक्कर, पति की मौत
सांपला पुलिस के मुताबिक झज्जर जिले के गांव भापड़ौदा निवासी दर्शना ने दी शिकायत में बताया कि वह अपने पति सोमबीर के साथ रोहतक निजी कार्य के लिए आ रही थी। जब वे सांपला-खरखौदा मार्ग पर दुल्हेड़ा माइनर के पास पहुंचे तो पीछे से आ रही हाइवा ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिर पड़े। वह सड़क किनारे गिर गई, जबकि हाइवा उसके पति को घसीटते हुए दूर तक ले गया। उसने घायल पति को संभाला, लेकिन हाइवा ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों की मदद से उन्हें सांपला के सामुदायिक केंद्र में लाया गया, जहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजन बहादुरगढ़ ले गए। उसके घायल पति ने दम तोड़ दिया।
दोपहिया वाहन चालकों की ज्यादा जा रही जान
पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के अंदर हर माह औसतन 40 से 50 सड़क हादसे हो रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार व लापरवाही से ड्राइविंग है। 40 प्रतिशत से ज्यादा हादसों में जान जा रही है, इसमें भी दोपहिया वाहन सवार लोगों की संख्या ज्यादा है। ग्रामीण एरिया में जानलेवा हादसे ज्यादा हो रहे हैं। जबकि शहर में होने वाले हादसे की संख्या ज्यादा है, लेकिन उसमें जान कम जा रही है।
वर्जन-
सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार से वाहन चलाना है। आम लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करके ही हादसों को रोका जा सकता है। ज्यादातर जानलेवा हादसे नेशनल व स्टेट हाईवे पर हो रहे हैं। माता-पिता को अपने युवा बच्चों को समझाना चाहिए कि वे तेज गति से वाहन न चलाएं।
- डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय