दिवाली की रात पटाखों से होने से प्रदूषण पर रिसर्च करने वाली डॉ. पूनम दलाल का कहना है कि दीपावली के अगले दिन वातावरण में प्रदूषण कई गुणा बढ़ जाता है। दीपावली से पहले सुबह-शाम ठंडक थी, लेकिन अब मौसम में परिवर्तन हो रहा है। इसलिए वातावरण में मौजूद प्रदूषण धरती के करीब आ गया है। जब तक सूर्य की रोशनी धरती तक पूरी नहीं आएगी प्रदूषण मिक्स नहीं हो पाएगा। ऐसी स्थिति में यह समस्या बनी रहेगी। वातावरण में परिवर्तन नहीं होने के चलते सरकुलेशन नहीं हो पाता है।
दिवाली के बाद ऐसे होते हैं हालात
रसायन सामान्य मात्रा बढ़त दीपावली के बाद मात्रा
सल्फर डाई आक्साइड 12.8 7 86.5
नाइट्रोजन डाई आक्साइड 46.54 2 90.98
ससपेंडिड पार्टिकुलर मीटर 350 4 1446
नोट : सभी आंकडे़ माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब में हैं। यह आंकड़े वर्ष 2009 के हैं। रिसर्च करने वाली डाक्टर का कहना है कि अब स्थिति इससे भी भयावह हो गई है।
हिसार बाईपास सबसे प्रदूषण वाला एरिया
रिसर्च में एमडीयू कैंपस, मेडिकल मोड़, नया बस स्टैंड, दिल्ली बाईपास, भिवानी स्टैंड और हिसार रोड पर प्रदूषण की जांच की गई। इसमें सामने आया कि नया बस स्टैंड, एमडीयू कैंपस और मेडिकल मोड़ पर लगभग समान प्रदूषण स्तर है। जबकि दिल्ली बाईपास, भिवानी स्टैंड पर प्रदूषण का अधिक स्तर है। सबसे अधिक हिसार रोड का एरिया प्रदूषण ग्रस्त है।