रोहतक। भारतीय प्रबंधन संस्थान में रविवार को स्नातकोत्तर कार्यक्रम (एमबीए) का 15वां बैच शामिल हुआ। इसमें 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 73 प्रतिशत महिला उम्मीदवार हैं। नया बैच भारत की भौगोलिक विविधता का प्रतिनिधित्व और महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता दर्शाता है। नए बैच का स्वागत करने और जागरूक के लिए, आईआईएम ने 29 व 30 जून को अपना प्रेरणा समारोह आयोजित किया।
मुख्य वक्ता डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति और इस दौरान रिश्तों और नेटवर्क निर्माण के मूल्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने और अपने संस्थानों के लिए स्पष्ट अपेक्षाएं निर्धारित करने, चुने हुए विषयों में उत्कृष्टता हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करने और विभिन्न पृष्ठभूमि के सहपाठियों से बातचीत कर विविधता अपनाने की सलाह दी। पुलिस प्रबंधन के सबक साझा करते हुए कहा कि 90 प्रतिशत नेतृत्व पेशेवर क्षमता में निहित है।
मुख्य वक्ता भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने शैक्षणिक उत्कृष्टता व अनुसंधान क्षमताओं की मजबूत विरासत के साथ नेतृत्व और विकास के प्रतीक के रूप में आईआईएम को सराहा। उन्होंने अप्रत्याशित चुनौतियों में नेतृत्व की वास्तविक परीक्षा पर जोर दिया। विद्यार्थियों से जिम्मेदारी स्वीकार करने और सतत विकास के लिए नवाचार करने का आह्वान किया।
अंडमान निकोबार द्वीप समूह व पुडुचेरी के पूर्व राज्यपाल सेवानिवृत्त जनरल एके सिंह ने बैच से जीवन के उद्देश्य को समझने का आग्रह किया। उन्होंने गंभीरता, समीचीनता, विश्वास और धैर्य की अवधारणाओं पर जोर दिया।
कार्यक्रम अध्यक्ष संस्थान निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि नई यात्रा शुरू करें और भविष्य के नेता बनने की राह पर आगे बढ़ें। उन्होंने आईआईएम रोहतक के सहकर्मी से सहकर्मी जुड़ाव और व्यापक बातचीत पर प्रकाश डाला।