रोहतक। पुलिस विभाग ने 1 जुलाई से नए कानून लागू कर दिए हैं, इससे कोई भी किसी भी जगह थाने में रिपोर्ट दर्ज करा सकेगा। यह सुधार महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध को देखते हुए किए गए हैं। जिस व्यक्ति को जहां पर सुविधा हो, वह वहीं से मुकदमा दर्ज कराकर उसकी विवेचना भी वहीं से करा सकेंगे और साक्ष्य भी उसी थाने में पेश कर सकेंगे। इसके अलावा डिजीटल और आडियो साक्ष्यों को भी अब केस में शामिल किया जा सकेगा।
जिला उप न्याय अधिकारी अनुज दहिया ने बताया कि अभी तक कानून में जीरो एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान था। इसके बाद संबंधित घटनास्थल क्षेत्र के थाने में जीरो एफआईआर को भेज दिया जाता था। यह समस्या दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के अलावा महिलाओं से संबंधित अपराधों में सबसे अधिक होती थी। नए कानून को लोगों की समस्याओं को दूर करने वाला बनाया है। इसमें यदि केस महिला हरियाणा की है और वह यूपी में अपने मायके में केस कराना चाहती है तो वहां सुविधा दी जाएगी। साथ ही उसी थाने में डिजीटल और आडियो साक्ष्य जमा कराए जा सकेंगे। इनके अलावा यदि किसी दूर जगह पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है तो ऑनलाइन ही बयान दर्ज कराए जा सकेंगे और साक्ष्य भी इसी तरह पेश किए जा सकेंगे।
केस पुराने, धाराएं नई : डीएसपी
नए कानून में केस नंबर पुराने होंगे, लेकिन धाराएं नई होंगी। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए पुलिस अधीक्षक की ओर से प्रत्येक थाने में लोगों के साथ बैठक कर कानून के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार से यह अभियान शुरू कर दिया जाएगा। यह बात डीएसपी रवि कुंडिया ने कही।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से नए कानून के तहत धाराएं तो बदल जाएंगी, लेकिन उनके केस नंबर पुराने ही रहेंगे। जिस क्रम में केस दर्ज होते चले आ रहे हैं वह उसी तरह रहेंगे। सभी थानों को सीसीटीएनएस से जोड़कर ऑनलाइन एफआईआर की तैयारी पूरी हो चुकी है। मुकदमे अब नई धाराओं के तहत ही दर्ज किए जाएंगे। 30 जून की रात 12 बजे तक पुराने कानून की धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।
अर्बन थाने में आज होगी निवासियों संग बैठक
अर्बन स्टेट थाना प्रभारी रतनलाल ने बताया कि उनकी ओर से नए कानून की जानकारी देने के लिए सेक्टरों की आरडब्ल्यूए के साथ सुबह 10 बजे से बैठक बुलाई है। इसमें निवासियों के संग बैठकर नए कानून की बारीकियों को बताया जाएगा। जिससे लोगों के जेहन में किसी तरह की शंका है तो उसे दूर किया जा सकेगा। इस मीटिंग में कोई भी नागरिक शामिल हो सकता हैं।