जिले के रिठाल गांव की शिक्षा नरवाल ने मुक्केबाजी में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 2026 में होने वाले एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए उन्होंने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
दिन में सात घंटे कड़ी मेहनत कर शिक्षा देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रही हैं। शिक्षा के पिता राजसिंह एक किसान थे और 2023 में उनका निधन हो गया। घर की आर्थिक स्थिति हमेशा से कमजोर रही है, लेकिन कोच विजय हुड्डा ने उनकी हर संभव मदद की।
शिक्षा ने बताया कि 2012 में मैरी कॉम को ओलंपिक में कांस्य पदक जीतते देख उन्होंने भी मुक्केबाज बनने का फैसला किया। परिवार ने एक बार तो विरोध किया, लेकिन फिर कहा- तू कुछ भी कर, हम तेरे साथ हैं।