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Rohtak News: जानलेवा हमले के केस में सेशन कोर्ट ने पलटा फैसला, नाबालिग को दी क्लीनचिट

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। आठ साल पहले जाट काॅलेज के गेट पर बीएससी के छात्र पर जानलेवा हमले के केस में अदालत का फैसला पलट गया है। सेशन जज रजनी यादव की अदालत ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को पलटते हुए नाबालिग को निर्दोष करार दिया है। किशोर को जानलेवा हमला करने के आरोप में तीन साल कैद हुई थी।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, नवंबर 2017 में पीजीआई थाने में छात्र कर्ण ने शिकायत दी थी कि उसका भाई देवरत बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। उसकी अभी पढ़ाई पूरी हुई है। दोनों जाट कॉलेज आए थे। युवक मनीष, भीम व एक अन्य नाबालिग 8-10 साथियों के साथ काॅलेज के गेट पर झगड़ा करने लगे।
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उन्होंने देवरत के चेहरे पर वार किया। नाबालिग ने कमर में चाकू मारा और तीसरे युवक भीम ने बोडकिन से हमला किया। देवरत घायल होकर गिर पड़ा। उसका चचेरा भाई पुष्पेंद्र आवाज सुनकर आया। तब हमलावर भाग गए। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए नाबालिग को जांच में शामिल किया।
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2021 में नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड ने जानलेवा हमले के आरोप का दोषी मानते हुए 3 साल कैद की सजा सुनाई थी। परिवार की तरफ से सेशन कोर्ट में अपील की गई। सेशन जज रजनी यादव की अदालत ने निर्णय दिया है कि दोनों पक्षों की बहस व तथ्यों की जांच से साफ है कि आरोपी के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। ऐसे में किशोर न्याय बोर्ड का फैसला पलटना आवश्यक है। नाबालिग की अपील मंजूर करते हुए उसे बरी किया जाता है।
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