साइबर ठग लगातार अपने शातिर दिमाग से लोगों को लाखों की चपत लगा रहे हैं। बुधवार को भी ऐसे तीन मामले सामने आए हैं। जिनमें ठगों ने मोबाइल पर लिंक भेज कर व एटीएम कार्ड क्लोन बना कर बैंक खातों से 1.28 लाख रुपये उड़ाए लिए। तीनों ही मामलों में पीड़ित की शिकायत पर संबंधित थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक्टिवा की सर्विस कराने के लिए ऑनलाइन सर्च किया था नंबर
केस एक
एक्टिवा सर्विस कराने के लिए एक महिला ने ऑनलाइन साइट से नंबर सर्च किया। नंबर पर संपर्क करने पर सामने से बोल रहे युवक ने सर्विस कराने के लिए एक लिंक भेजा। लिंक के जरिये फॉर्म भरवा कर बैंक संबंधित जानकारी जुटा ली। जानकारी जुटाने के बाद आरोपी युवक ने महिला के खाते से 85 हजार 5 रुपये निकाल लिए। सीमा सुनेजा निवासी प्रताप मोहल्ला ने बताया कि उसने अपनी एक्टिवा सर्विस कराने के लिए दी थी। 28 जनवरी को उसकी बेटी ने ऑनलाइन साइट पर जाकर सर्विस सेंटर का नंबर सर्च किया। जिस पर संपर्क किया तो उक्त युवक ने मोबाइल फोन पर लिंक भेजा। जिसे भेजने के बाद युवक ने कहा कि उस लिंक पर क्लिक कर एक फॉर्म ओपन होगा, उसे भरना होगा। फॉर्म ओपन होने पर उसमें खाते संबंधित जानकारी भी दी गई थी। जानकारी भरने के बाद ठग ने शाम तक खाते से चार बार में 20-20 हजार, एक दफा में 5 हजार व एक दफा में 5 रुपये निकाल लिए।
केस-2
एटीएम कार्ड का क्लोन बना खाते निकाले साढ़े 16 हजार
बसाना निवासी योगेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह फिल्म इंडस्ट्रीज में काम करता है। 27 जनवरी को फोन पर मैसेज प्राप्त हुआ, जिसे देखने पर पता चला की खाते से साढ़े 16 हजार रुपये निकाल लिए गए। उसी समय एसबीआई के नंबर से कॉल आई कि आपके खाते से किसी ने छेड़छाड़ कर रुपये निकाल लिए हैं, उन्हीं ने कुछ देर बाद खाता भी बंद कर दिया। पुलिस को सूचित किया तो पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-3
बिना जानकारी साझा किए खाते से कटे 27 हजार रुपये
रोहतक। घिलोड़ कला निवासी नीरज छाबड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अगस्त के माह में फोन पर चार मैसेज आए जिसे देखा तो हर मैसेज में खाते से रुपये कटने की जानकारी मिली। जबकि किसी से बैंक संबधित कोई जानकारी भी साझा नही की। अपना बैलेंस चेक किया तो खाते से 27 हजार रुपये चार बार में कटे हुए थे। उसी समय पुलिस को सूचित किया तो पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।