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किसान परिवार के जुनूनी बेटे से भारत को ओलंपिक में बड़ी उम्मीद

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अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते वर्ड चैम्पियनशिप के पदक ?
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खेल के प्रति जुनून ही होता है जो खिलाड़ियों को देश का नाम रोशन करने का मौका देता है। ऐसे ही जुनून से भरपूर खिलाड़ी किसान परिवार के बेटे मुक्केबाज अमित पंघाल वीरवार को अमर उजाला कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में देश को पदक दिलाकर विश्व में भारत का मान बढ़ाया है। अब उनकी नजर विश्व की सबसे बड़ी टूर्नामेंट ओलंपिक पर है। इसके लिए अमित अब दिन रात मेहनत कर रहे हैं। अमित ने बताया कि वह रोजाना सुबह-शाम तीन-तीन घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं। ओलंपिक में देश को उनसे बहुत उम्मीदें हैं, जिनपर खरा उतरने के लिए वह पूरा प्रयास कर रहे हैं। पिछले दिनों में मुक्के की स्पीड और रीच पर बहुत काम किया है। हाइट कम होने के कारण अब पावर की और अधिक जरूरत है, जिस पर वह कार्य कर रहे हैं। इस मौके पर उनके साथ चाचा राजनारायण पंघाल, हैवी वेट बॉक्सर हितेश चाहर, डॉक्टर जोगेंद्र मोर भी मौजूद रहे।
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बड़े भाई के त्याग ने बनाया बॉक्सर
अमित के पिता विजेंद्र सिंह पेशे से किसान हैं। बड़े भाई अजय बॉक्सिंग किया करते थे। उनसे ही बॉक्सिंग के लिए प्रेरित हुए। लेकिन परिवार दोनों भाइयों में से किसी एक की ही ट्रेनिंग का खर्च वहन कर सकता था। तब बड़े भाई अजय ही थे, जिन्होंने अपने छोटे भाई अमित को प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया।
घर आते हैं तो अपने पहले कोच अनिल धनखड़ के पास करते हैं प्रेक्टिस
अमित ने कहा कि पहला गुरू ही सब कुछ होता है। वह जब भी घर आते हैं तो उनके पास प्रैक्टिस करने जरूर जाते हैं। उनसे ज्यादा से ज्यादा सीखने को मिलता है, वह बचपन से ही मुझे सीखा रहे हैं तो कमियों को जल्द पकड़कर उनपर काम कराते हैं।
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अमित की उपलब्धियां :
राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2017 स्वर्ण
एशियन चैंपियनशिप 2017 में कांस्य
राष्ट्रमंडल खेल 2018 में रजत
2018 एशियाई खेलों में गोल्ड
एशियन चैंपियनशिप 2019 रजत
वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2019 रजत
स्ट्रांदजा मेमोरियल में लगातार दो बार स्वर्ण
कोरोना वायरस की वजह से बदला क्वालिफायर का शेड्यूल और स्थान
ओलंपिक क्वालिफायर पहले फरवरी की शुरुआत में चीन में होना था। मगर कोरोना वायरस की वजह से चीन की जगह अब क्वालिफायर जॉर्डन की राजधानी अमान में होंगे।
अमित पंघाल फाउंडेशन देगा उभरते खिलाड़ियों को मदद, वेबसाइट के जरिये कर सकते हैं संपर्क
अमित ने कहा कि मुक्केबाजी ने मुझे, मेरे परिवार, प्रदेश व देश को विश्व में नई पहचान दिलाई है। मेरा फर्ज बनता है कि मैं मुक्केबाजी को कुछ दूं। मैंने और मेरे चाचा ने निर्णय लिया है कि हम अमित पंघाल फाउंडेशन बनाकर उभरते खिलाड़ियों की मदद करें। उनको खेल की बारीकियां बताने से लेकर, उनकी जरूरत के संसाधन उपलब्ध कराएं। अमर उजाला कार्यालय से उन्होंने डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट अमित पंघाल डॉट कॉम वेबसाइट लांच की है। इच्छुक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
क्वालिफायर में ओलंपिक टिकट के लिए मौसम का रखा जा रहा ध्यान
अमित ने कहा कि मौसम और वातावरण हर खिलाड़ी के खेल को प्रभावित करता है। बॉक्सिंग खिलाड़ियों के लिए भी मौसम के तालमेल को ध्यान में रखा जा रहा है। उत्तर भारत में तापमान बहुत कम होते देख कैंप को पटियाला से बैंगलोर रखा गया था, जहां 17 डिग्री तक का सामान्य तापमान था। ऐसे ही अब शुक्रवार को पटियाला में कैंप रखा गया है, जहां अभी सामान्य तापमान चल रहा है। जैसे ही उत्तर भारत में तापमान बढ़ेगा तो खिलाड़ियों को फरवरी के अंत में इटली भेजा जाएगा, जहां वो विदेशी खिलाड़ियों के साथ प्रैक्टिस के साथ-साथ सामान्य तापमान में प्रेक्टिस करेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि 3 से 11 मार्च तक जोर्डन की राजधानी अमान में ओलंपिक क्वालिफायर होंगे, जहां का तापमान भी 6 डिग्री से 18 डिग्री तक रहता है। इसलिए मौसम भारतीय खिलाड़ियों को ओलंपिक टिकट दिलाने में कारगर सिद्ध होगा।

अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में अमित पंघाल फाउंडेशन की साइट को लॉंच करते अमित ?

अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते वर्ड चैम्पियनशिप के पदक ?

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