रोहतक। डिजिटल क्रांति के युग में हमारा ज्यादातर काम ऑनलाइन हो गया है। हम अपने मनोरंजन के लिए इंटरनेट यूज करते रहते हैं। शॉपिंग से लेकर बिल भरने तक बैंक से जुड़े काम करने में हम ऑनलाइन मोबाइल, लैपटॉप या अन्य डिवाइस का प्रयोग करते हैं।
डिजिटल युग में सक्रिय साइबर अपराधी साइबर अपराध के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। यह कहना है पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया का। वह रविवार को साइबर फ्रॉड से बचने की एडवाइजरी जारी कर रहे थे। एसपी ने कहा कि साइबर अपराधियों ने जाल में फंसाने के लिए आसान तरीके से पैसे कमाने का लालच दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि ठगी के नए तरीके में आसान तरीके से पैसे कमाने के मैसेज के साथ लिंक भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करने पर व्हाट्सएप पर मैसेज आता है। इस लिंक पर रजिस्टर्ड के लिए उकसाया जाता है। व्यक्ति के रजिस्ट्रेशन करने पर खाते में 100 रुपये भेजे जाते हैं।
इसके बाद आगे भी टास्क पूरा करने पर कमीशन के तौर पर रुपये मिलने की बात कही जाती है। इस पर व्यक्ति ठगों के अकाउंट में और रुपये भेजता है। बाद में उसके साथ लाखों रुपये की ठगी की जाती है। साइबर धोखाधड़ी होने पर शिकायत साइबर हेल्प डेस्क नंबर 1930, अपने बैंक तथा नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत रजिस्टर्ड कराएं।