सांगवान खाप के अध्यक्ष सोमवीर सांगवान ने कहा कि खाप किसी भी तरह की मध्यस्थता का काम नहीं कर रही हैं। यह किसी का अपना व्यक्तिगत विचार हो सकता है। खापें आंदोलनकारियों के साथ थीं, हैं और रहेंगी। खापों का आंदोलनकारियों की कमेटी के साथ लगातार संपर्क बना रहे इसके लिए प्रयास किये जाएंगे। यह आखिरी लड़ाई है। इसे हर हाल में कामयाब बनाया जाएगा।
दलबीर रेढू ने कहा कि हमें अपनी शक्ति पहचाननी होगी। समय आ गया है काठ की हांडी पहचान कर हमें सही दिशा में कदम बढ़ाना होगा। समाज में जहर भरने वालों से बचते हुए आंदोलन को सफल बनाना है। चेहरा नहीं, काम दिखाओ, यही हमें पहचान भी दिलाएगा। वीरेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर खापें लगातार जाएं। ज्यादा से ज्यादा लोग वहां पहुंचें। यह सिलसिला बना रहे। हम यहां से सब्जी, फल, दूध, पानी जिस भी तरह की मदद होगी, आंदोलनकारियों को मुहैया कराएंगे।
आंदोलन में हमारी हाजिरी शून्य न हो। भाजपा व आरएसएस के मानने वाले नहीं हैं। इनका बहिष्कार जरूरी है। हमें इस ओर कड़े कदम उठाने होंगे। कृषि कानूनों को होल्ड पर रखने की बात करने वाले सरकार की साजिश का हिस्सा हैं। ये कानून रद्द होने चाहिए। यही हमारी मांग है। इसके लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। नेहरा खाप के प्रधान दलबीर नेहरा ने भी आंदोलन को तेज करने का सुझाव दिया।