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धाकड़ पहलवान साक्षी मलिक और दीपक हुड्डा को अर्जुन अवॉर्ड, बोले- ओलंपिक जीतने जैसी खुशी

Wed, 19 Aug 2020 11:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, रोहतक
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साक्षी मलिक
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ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक को अर्जुन अवार्ड देने की घोषणा की गई है। सरकार ने मेरी खेल उपलब्धियों के लिए खेल रत्न पहले ही दे दिया था। अब अर्जुन अवॉर्ड मिला है। बड़ा अवॉर्ड पहले ही मिल गया था, इसलिए इस अवॉर्ड की उम्मीद कम थी। मेरे नंबर ज्यादा थे इसलिए मुझे यह सम्मान दिया गया।
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इस सम्मान ने एक बार फिर ओलंपिक में मेडल जीतने सरीखी खुशी जगा दी है। यह कहना है ओलंपियन साक्षी मलिक का। मंगलवार को अर्जुन अवॉर्ड के लिए अपना नाम चुने जाने पर उन्होंने अमर उजाला से अपनी खुशी साझा की। ओलंपियन पहलवान सत्यवान की पुत्रवधू व नामी पहलवान सत्यव्रत की पत्नी कुश्ती खिलाड़ी साक्षी का कहना है कि ओलंपिक के बाद यह दूसरी बड़ी खुशी है।

परिवार में यह सम्मान एक बेटी को मिला है इससे सभी खुश हैं। याद रहे कि रियो ओलंपिक 2016 में रोहतक की बेटी साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीता था। 17 अगस्त 2016 की रात वह ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनीं। उनके पिता सुखबीर मलिक व मां सुदेश मलिक ने अवॉर्ड मिलने पर कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।
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अवॉर्ड नहीं, राष्ट्र का सम्मान है: दीपक हुड्डा

अर्जुन अवॉर्ड के लिए नाम चुने जाने की दिल से खुशी है। अवॉर्ड की हर खिलाड़ी को चाहत होती है। यह राष्ट्रीय सम्मान है। मुझे भी यह सम्मान मिल रहा है। भविष्य में भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल लाने का प्रयास रहेगा। यह कहना है कबड्डी टीम के कप्तान दीपक हुड्डा का।

रोहतक के चमारिया गांव निवासी कबड्डी खिलाड़ी दीपक निवास हुड्डा के सिर से महज चार साल की उम्र में मां का आंचल छिन गया था। कुछ समझ पाते इससे पहले ही पिता का साया भी सर से उठ गया। पिता के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं रहा। बहन के बच्चों को पढ़ाने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ी।

अच्छी नौकरी के लिए कबड्डी खेलना शुरू किया। रातभर स्टेडियम व गली में कुर्सी रखकर, डंडा गाड़कर उन्हें खिलाड़ी समझ अभ्यास करते थे। हार न मानने वाले खिलाड़ी में जिद व जुनून इतना कि हर मुश्किल पार कर भारतीय कबड्डी टीम का नेतृत्व हासिल कर देश को गोल्ड मेडल दिलाया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को पांच गोल्ड व एक ब्रांज मेडल दिलाने में अहम योगदान दिया। उनकी कामयाबी में सबसे पहले गुरु कोच जगमाल सिंह व इसके बाद कोच बलवान सिंह, कोच असन कुमार और जयबीर शर्मा का सहयोग रहा है।
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मुक्केबाज मनीष और फुटबालर संदेश अर्जुन अवार्ड के लिए नामित

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शहर के मुक्केबाज मनीष कौशिक का नाम अर्जुन अवार्ड के लिए प्रस्तावित कर खेल मंत्रालय को भेजा है। मनीष युवा मुक्केबाज हैं और एसडी कॉलेज-32 के पूर्व छात्र रह चुके हैं। वह पिछले कई वर्षों से मुक्केबाजी में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं सिटी के फुटबाल खिलाड़ी संदेश झिंगन का नाम भी अर्जुन अवार्ड के लिए नामित किया गया है।

बता दें कि मनीष ने इसी वर्ष मार्च महीने में टोक्यो ओलंपिक के लिए अपना स्थान पक्का किया था। उन्होंने पिछले साल 63 किलो भार वर्ग में आस्ट्रेलिया के मुक्केबाज हैरिसन गरसिडे को हराकर टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल किया था। मनीष कौशिक ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने वाले नौवें भारतीय मुक्केबाज हैं। वह मूल रूप से भिवानी के देवसर गांव के रहने वाले हैं।

वर्ष 2015-16 में एसडी कॉलेज सेक्टर-32 में उन्होंने बीए प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया था। इसके बाद बीए द्वितीय वर्ष में उन्हें फौज में सूबेदार की नौकरी मिल गई थी। अब वह भिवानी के साई हॉस्टल में मुक्केबाजी का अभ्यास करते हैं। मनीष ने साल 2014 में पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में खेलते हुए गोल्ड मेडल जीता था। मनीष इससे पहले साल 2018 में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल, वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल, साल 2017 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। 
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