फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठेका सफाई कर्मियों ने वार्डों में कूड़ा बिखेर मनवाई अपनी बात

Sun, 08 Jan 2017 02:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
साल 2016 के अंतिम तीन माह का वेतन नहीं देने से खफा ठेका सफाई कर्मचारियों का सब्र शनिवार को उस समय टूट गया, जब उनकी जगह नये कर्मचारी काम करने आए। पुराने ठेका कर्मचारियों ने हंगामा करते हुए वार्डों में रखे डस्टबिन के कूड़े को बिखेर दिया। बात बढ़ने पर पीजीआईएमएस प्रशासन जागा और आनन-फानन में एक माह का वेतन ठेकेदार को जारी कर दिया। वहीं, पुराने कर्मचारियों को नहीं हटाने का आश्वासन देने और एक माह का वेतन मिलने के बाद ठेका सफाई कर्मचारियों का गुस्सा शांत हुआ।
विज्ञापन


तीन माह का वेतन नहीं मिलने और 13 माह का पीएफ जमा नहीं होने से नाराज तकरीबन 450 ठेका सफाई कर्मचारी शुक्रवार से हड़ताल पर थे। शनिवार को उनकी जगह ठेकेदार ने दूसरे सफाई कर्मचारी काम पर लगा दिए तो हड़ताली कर्मचारी भड़क गए। वार्ड में पहुंच कर जमकर हंगामा किया। सभी कर्मचारियों ने वार्ड के कूडे़ को गैलरी में बिखेर दिया। कर्मचारियों ने बताया कि तीन माह से वेतन दिया नहीं, जब रोष स्वरूप काम करना बंद किया तो नये कर्मचारी बुला लिए। हंगामे की सूचना मिलते ही पीजीआईएमएस के सुरक्षा अधिकारी बादाम सिंह और निजी सुरक्षा कंपनी के प्रबंधक रणजीत झा पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को वार्ड में अनुशासन बनाए रखने की अपील की।  

हंगामे के बाद जागे अधिकारी

तीन माह से सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है। जब वार्ड में हंगामा और गैलरी में कूड़ा बिखेरा गया तो प्रशासन जाग गया। ठेकेदार को एक माह की सैलरी का चेक जारी कर दिया गया। चेक को ठेकेदार ने भी मिनटों में बैंक में जमा करा दिया और सभी कर्मचारियों का एक माह का वेतन उनके खातों में आ गया। जब सैलरी खाते में आई तो कर्मचारी शांत हुए।
विज्ञापन


बोले ठेकेदार

समस्या पीजीआई के अधिकारियों से नहीं है, यहां के बाबुओं से है। ये कुछ मांगते नहीं हैं और काम भी नहीं करते। तीन माह का चेक रोकना कौन सा तरीका है। विवाद हुआ तो मिनटों में चेक जारी कर दिया गया और दूसरे माह के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया है। हमारे कर्मचारी लगभग सही हैं। कुछ लोग हैं जो कर्मचारी नेताओं के बहकावे में आकर दूसरों को भड़काते हैं। जो सही काम नहीं करेगा, उसकी जगह कर्मचारी बदलना हमारी जिम्मेदारी है। फिलहाल कर्मचारी बदलने जैसा कुछ नहीं है।
हरिंद्र, ठेकेदार, सफाई कर्मचारी

पक्के कर्मचारियों ने संभाली कमान

कच्चे सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान 130 पक्के सफाई कर्मचारियों ने कमान संभाली। आपरेशन थियेटर में सफाई का कार्य बंद नहीं होने दिया गया। हालांकि, वार्डों में एक पल स्थिति बिगड़ गई। मरीजों ने स्वयं अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा कि गैलरी में फैले कूडे़ से क्या उन्हें संक्रमण नहीं होगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें